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स्वास्थ्य का मंत्र 'सूर्य नमस्कार'

udaybhoomi 3/6/2018/span> Technology

संज्ञा शर्मा : लखनऊ : डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क गोमतीनगर में रविवार ३ जून की सुबह यहां सैर करने वालों को यहां योग की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया 'सूर्य नमस्कार' का अभ्यास करने का मौका मिला. लोगों को जब ये बताया गया कि यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है और इसके अभ्यास से शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी बनता है. तो स्त्री, पुरुष, बाल, युवा और बुजुर्ग भी इसका अभ्यास करने के लिये यहां जुटने लगे.
,   ऊं मित्राय नम:, ऊं रवये नम:, ऊं सूर्याय नम: जैसे सूर्य के 12 नामों के उच्चारण साथ 12 योग की क्रियाओं वाले सूर्य नमस्कार का अभ्यास यहां इसलिये शुरू किया गया है कि युवा अधिक से अधिक इससे जुड़ें. साथ ही 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिये अभ्यास भी किया जाये. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018 की तैयारी और 'हम फिट तो इंडिया फिट' की कड़ी में रविवार सुबह 'योगामृतम सेवा संस्थान' और 'प्रयाग आरोग्य केन्द्र' के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह छह बजे ट्रामा सेंटर केजीएमयू के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी ने तीन बार गायत्री मंत्र के उच्चारण से किया. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल अनुसार निर्धारित योगाभ्यास का संचालन प्रयाग आरोग्यं केन्द्र के प्रबंधक और योग गुरु प्रशांत शुक्ला ने किया. कार्यकम का दूसरा भाग युवाओं को जागरूक और प्रोत्साहित करने के लिये सूर्य नमस्कार का सामूहिक प्रदर्शन 'योगामृतम सेवा संस्थान' के अध्यक्ष और योग विशेषज्ञ डॉ राम किशोर(रामजी) के नेतृत्व में शुरू हुआ जिसमें 50 लोगों ने पूर्व निर्धारित 100 बार सूर्य नमस्कार का लक्ष्य मात्र 40 मिनट में पूरा किया.
,   सूर्य नमस्कार के महत्व को बताते हुए डॉ रामजी ने कहा कि इसका अभ्यास जहां एक और वजन को नियंत्रित रखता है. वहीं दूसरी ओर स्पाइन में स्थित चक्रों को उत्तेजित करने के कारण शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार करता है. डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि हृदय रोगियों को भी नियमित तौर पर योगाभ्यास करना चाहिये. नियमित योगाभ्यास से हृदय को रक्त सप्लाई में सहायता पहुंचती है परन्तु ऐसे अभ्यास करने वालों को अपनी क्षमता और हृदयगति का विशेष ध्यान रखना चाहिये. योगाभ्यास के 10 लाभ-संपूर्ण स्वस्थ्य, वजन में कमी, चिंता से राहत, अंतस की शांति, प्रतिरोधक क्षमता में सुधार, अधिक सजगता संग जीना, संबंधों में सुधार, ऊर्जा में वृद्धि, बेहतर शारीरिक लचीलापन एवं बैठने का तरीका, बेहतर अंतर्ज्ञान हैं.
,   सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र हैं -ऊं मित्राय नम:, ऊं रवये नम:, ऊं सूर्याय नम:, ऊं भानवे नम:, ऊं खगाय नम:, ऊं पूष्णे नम:, ऊं हिरणगर्भाय नम:, ऊं मारीचय नम:, ऊं आदित्याय नम:, ऊं सावित्रे नम:, ऊं अर्काय नम:, ऊं भास्कराय नम:.

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