Latest News

राम मंदिर निर्माण के लिये संसद में हो बिल पास -देवकीनंदन महाराज

udaybhoomi 18/11/2018/span> Technology

जगदीश वर्मा समंदर : कानपुर : अखण्ड भारत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एव भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने राममंदिर निर्माण के लिये जल्द से जल्द संसद में विधेयक लाने की जरूरत बतायी है.कानपुर में आयोजित भागवत कथा के दौरान इस सम्बन्ध में एक प्रैसवार्ता आयोजित की गयी जिसमें देवकीनंदन ठाकुरजी ने मध्यप्रदेश चुनावों को लेकर भी अपनी भूमिका स्पष्ट की.
,   देवकीनदंन ठाकुरजी ने कहा कि राम मंदिर की आड़ में केवल राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं. अगर संसद में बिल लाया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, पूरी दुनिया को पता लग जाएगा की कौन राम मंदिर के पक्ष में है और कौन विपक्ष में. उन्होने सवाल किया कि जो न्याय का मंदिर आतंकवादियों और नेताओं के लिये आधी रात को भी सुनवाई के लिये खोला जाता है वहाँ हमारे आस्था के मंदिर के लिये जल्द से जल्द सुनवाई पूर्ण क्यों नहीं की जा सकती है ? उन्होने कहा कि मुगलकाल में राम मंदिर तोड़ने वालों ने किसी से अनुमति नहीं मांगी थी, उन्होंने तोड़ दिया था. हमारा भारत कितना सहनशील देश है जिसके देवता के ऊपर उसी के देश में जबरदस्ती उससे वो स्थान छीन लिया गया हो तब से लेकर आज तक हम लोग शांति के साथ ये प्रार्थना कर रहे हैं की हमारा राम मंदिर बन जाए.
,   एक सवाल के जवाब में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा की मैने कोई राजनैतिक पार्टी नहीं बनाई है, जब भी बनाऊँगा तो डंके की चोट पर बनाऊंगा. हमारी विचारधारा को लेकर जिन्होने पार्टी बनाई हैं उन सभी को मेरी शुभकामनाएं हैं. मैं राजनीति में नहीं जाना चाहता, मेरे लिए कथा ही सर्वोपरि है. हाँ मेरी यह इच्छा जरूर है की राजनीति में ऐसे लोग आगे आयें जो समाज और देश को एकजुट करके आगे ले जाने का कार्य करें और भारत में रहने वाले सभी वर्गो के व्यक्तियों को समान नजरों से देखें.
,   पं. देवकीनंदन ठाकुरजी ने कहा कि कहा कि अखण्ड भारत मिशन एक सामाजिक संगठन है जिसका उद्देश्य मात्र राष्ट्र हितों की रक्षा करना है. उन्होने कहा कि एससी-एसटी पर राजनीति के सवाल पर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि इस मुद्दे पर अगर मुझे राजनीति करनी होती तो मैं आगरा में गिरफ्तारी के बाद अमेरिका नहीं जाता और न ही आज कानपुर में कथा कर रहा होता. उन्होने कहा कि तब मेरे पास राजनीति के लिये पर्याप्त समय और अनुकूलता थी, बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में खींच रहे थे लेकिन फिर भी कथा कहने यूएसए गया क्योंकि यही मेरा क्षेत्र है. एक जायज माँग, जो समाज को जोड़े रखने के लिये मुझे जरूरी लगी इसलिये मैने इसे आगे किया. अमेरिका से भी अपनी बात कही, तब भी हजारों सुझाव थे कि राजनैतिक पार्टी बनाकर राजनीति करूँ लेकिन वहाँ से लौटने के बाद लगा कि इसकी जरूरत ही नहीं रह गयी है क्योंकि इस विरोध को लेकर कई पार्टियाँ एमपी चुनाव लड़ रही हैं. ऐसे में नई पार्टी बनाना भी जरूरी नहीं था कुछ छोटी पार्टियों ने भी हमारी माँगों को लेकर आगे बढ़ने की उत्सुकता दिखायी जितना हो सकता था उतना समय लोगों को दिया.
,   पं. देवकीनंदन ठाकुर ने कहा ना तो मैं दलित समाज के खिलाफ हूँ और ना ही एससी-एसटी एक्ट के. मैने पहले भी कहा था मैं सिर्फ बिना जाँच के तुरंत गिरफ्तारी का विरोध कर रहा हूँ क्योंकि यह व्यवस्था दलित समाज का भी अहित करती है. दलित भी हमारे भाई हैं हम उनके प्रति किसी भी उत्पीड़न का विरोध करते हैं लेकिन किसी भी अन्य समाज के निर्दोष व्यक्ति के लिये भी अन्याय नहीं होना चाहिये. यही मेरी माँग है और रहेगी.
,  
,  

Related Post