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केंद्र राम मंदिर पर अध्यादेश लाकर साफ करे अपनी मंशा - देवकीनंदन

udaybhoomi 26/11/2018/span> Technology

जगदीश वर्मा समंदर : वृंदावन : अखण्ड भारत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बड़े दुःख की बात है कि भगवान श्रीराम के देश मे ही भगवान को यह साबित करना पड़ रहा है कि वो अयोध्या में पैदा हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट के पास भी इतना समय नहीं है कि राम मंदिर पर जल्दी से सुनवाई पूर्ण कर फैसला दे सके. जिस देश मे आतंकवादियों के लिए आधी रात को भी कोर्ट खुल जाती है उस देश मे भगवान श्री राम के मंदिर पर इतनी देरी क्यों की जा रही है ?
,   शांति सेवा धाम पर अपने शिष्य-भक्तों से चर्चा करते हुये उन्होने यह बात कही.
,  उन्होने कहा कि पिछले कई दशकों से राम मंदिर को राजनीति का मुद्दा बनाया हुआ है. चाहे कुछ तथाकथित हिन्दू नेता हो या मुस्लिम नेता हो दोनों इस विषय पर अपना स्वार्थ साध रहे हैं. देश में, प्रदेश में भगवान श्रीराम के नाम पर कई बार सरकार बन चुकी है लेकिन सरकार बनने के बाद सभी इस मुद्दे को भूल जाते हैं. देवकीनंदन महाराज ने कहा कि कि केंद्र सरकार को भगवान श्रीराम के मंदिर पर अपनी मंशा देश की जनता के सामने जाहिर करनी चाहिए. यदि केंद्र सरकार सच मे भगवान श्रीराम के मंदिर के प्रति सीरियस है तो उन्हें जल्द से जल्द संसद में अध्यादेश लाकर अपना पक्ष साबित करना चाहिए. फिर देश की जनता भी ये देख लेगी की कौनसी पार्टी भगवान श्रीराम के मंदिर के पक्ष में और कौन विपक्ष में.
,  अब केंद्र सरकार भगवान श्रीराम के मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला नहीं दे सकती है क्योंकि केंद्र में जो भी सरकार रही हो वे कई बार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलने के लिए भी अध्यादेश लाई है.
,   देवकीनंदन महाराज ने कहा कि श्रीराम का मंदिर राजनीतिक नहीं बल्कि 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा का मुद्दा है. वो कहां पैदा हुए थे ? क्या ये अब कोर्ट तय करेगा ? इससे दुखद और कुछ नही हो सकता है.
,  हिन्दू और मुस्लिम धर्म के धर्म गुरु ये बात कहे की हम सभी भाई चारे की बात करते है. आज के बाद राजनीतिक मेटर ख़त्म कर हम राम मंदिर के लिए जगह देते है. यहाँ राम मंदिर बनने दीजिये और फिर आपके लिए एक मस्जिद बनाने के लिए जिम्मेदारी मैं लेता हूँ और इतनी अच्छी मस्जिद बनाऊंगा की दुनिया में कही नहीं होगी.
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