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यों करें परीक्षा की तैयारी

udaybhoomi 14/12/2018/span> Technology

बबिता बसाक : लखनऊ : दिसम्बर माह की सर्दियां एक ओर जहां हम सभी को इस मौसम में स्वस्थ व सुरक्षित रहने की सलाह देती है, तो दूसरी ओर स्कूली छात्र छात्राएं इसी मौसम में अपनी पढ़ाई के प्रति भी सजग दिखाई देते हैं. वजह फाइनल इक्जाम का आगमन. आने वाले दिनों में सीबीएसई, यूपी बोर्ड व स्कूली फाइनल परीक्षाए प्रारंभ होगीं. अगर आपके या आपके बच्चों की परीक्षाएं नज़दीक है और आप इनमें से किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं ? तो कैसे करें परीक्षा की तैयारी, जानिए एक्टपर्ट और अध्यापिकाओं की राय इस विषय में:-
,  रेगुलर स्कूल व कालेज जायें -
,  परीक्षा के दिनों में अक्सर छा़त्र-छात्राओं को ये भ्रम होता है कि स्कूल या कालेज जाने का क्या फायदा ? एक्सपर्ट का मानना है परीक्षाएं नजदीक आते ही छा़त्र छात्राएं स्कूल व कालेज जरुर जायें. क्लास में टीचर द्वारा पढ़ाये व बताये प्रश्नों को ध्यान से सुने उनके द्वारा पूछे और बताये गये जवाब मिलने पर किसी प्रकार की मुश्किल होने पर अगले दिन टीचर से अवश्य पूछें और उसका समाधान करें.
,  डिस्कशन करें-
,  टीचर्स, दोस्तों तथा घर पर पेरेन्ट्स से किसी भी सब्जेक्ट में किसी प्रकार की प्राब्लम हो तो, डिस्कशन अवश्य करें. उत्तर को किस प्रकार और कैसे अच्छे से अच्छा लिखा जायें ? जानने का प्रयत्न करें व टीचर की एडवाइज़ लें ताकि आप समय से अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकें साथ ही निश्चिंत होकर अपनी परीक्षा भी दें सकें.
,  मुष्किल प्रश्नों को यों करें तैयार -
,  कई बार प्रश्नों के जवाब हमें जल्दी याद हो जाते हैं, तो कई बार व बार-बार पढ़ने के बावजूद प्रश्नों के जवाब याद ही नहीं होते. डा. सृष्टि श्रीवास्तव कहती हैं जिन प्रश्नों को याद करने में मुश्किल हों, छात्रों को उन्हें लिखकर प्रैक्टिस करनी चाहिए. हेडिंग व डेफिनेशन को समझकर याद करें, और लिखकर उनका अभ्यास करें ताकि वे पूरी तरह स्ट्रांग हों और आपके अच्छे नंबर आपके अच्छे परीक्षाफल में सहायक बन सके.
,  मैथ्स के फार्मूले रटकर नहीं लिखकर याद करें -
,  मैथ्स में फार्मूलों का बहुत महत्व होता है इससे परीक्षा में स्कोरिंग नम्बर आते हैं. अध्यापिका सुनीता द्विवेदी के अनुसार सबसे जरुरी है कि आप रोजाना फार्मूलों का लिखकर अभ्यास करें. फार्मूले से सम्स करने में सुविधा होती है, और आप फार्मूले कभी भूलते नहीं है.
,  रोजाना पढ़ें सभी विषय -
,  यदि आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो सभी विषयों को रोजाना पढ़े ताकि परीक्षा के दिन आपको सिर्फ उस विषय को रिविज़न की जरुरत हों इससे सभी विषय याद भी रहेंगें और आप उन्हें भूलेंगें भी नहीं.
,  खेल कूद को दें अल्पविराम -
,  खेलकूद में यदि आपकी बहुत रुचि है और यदि आप नियमित रुप से खेलते हैं या किसी स्पोर्ट्स के नियमित खिलाड़ी हैं तो परीक्षा के दिनों में खेलें लेकिन अधिक समय के लिये नहीं, ताकि आपका ध्यान सिर्फ व सिर्फ आपकी पढ़ाई पर हो.
,  नींद भी है जरुरी-
,  परीक्षा के दिनों में अक्सर छात्र रात रात भर जाग जागकर पढ़ाई करते हैं. इससे सुबह के समय उन्हें नींद बहुत आती है. अध्यापक जसविन्दर सिंह का कहना है कभी कभी छात्र परीक्षा हाल में सोते हुये नजर आते हैं. जरुरी है वे रोजाना 6 से 7 घंटे नींद अवश्य लें. प्रश्नोत्तर को सुबह के समय याद करना फायदेमंद होता है इससे प्रश्नों के जवाब जल्दी याद भी हो जाते हैं.
,  यों बनायें स्वच्छ हैंडराइटिंग -
,  अक्सर परीक्षा में जल्दी-जल्दी लिखने से हमारी खराब राइटिंग आती है. राइटिंग एक्सपर्ट प्रतिभा त्रिपाठी कहती हैं समय पर सभी प्रश्न पूरे हों ऐसा सोचकर अक्सर छात्र जल्दी-2 लिखते हैं इससे राइटिंग सुंदर नहीं बनती जिसका प्रभाव एक्जामनर पर कापी चेक के दौरान पड़ता है. ऐसे में आवश्यक है कि जब भी आप परीक्षा की तैयारी करें, प्रश्नों को लिखकर याद करें ताकि आपकी स्पीड तेज हों और परीक्षा में आप सही समय पर अपना पेपर पूरा कर सकें.
,  ग्रुप में पढ़ना-
,  अध्यापिका मिती प्रधान बताती हैं स्कूल हो या घर दोस्तों के साथ मिलकर एक दूसरे से डिस्कस करें ताकि कोई भी प्राब्लम हो और वे एक दूसरे की हेल्प कर सकें. घर के आस-पास यदि आपके स्कूली मित्र हैं तो शाम के समय एक साथ मिलकर पढ़ाई कर सकते हैं.
,  निःसंकोची बनें-
,  सेवानिवृत्त हिन्दी अध्यापिका सीता प्रधान के अनुसार अक्सर छात्र क्लास में टीचर से पूछने में संकोच करते हैं. संकोची होने के कारण कभी-2 वे क्लास में सबसे पीछे की सीट पर बैठते हैं इससे उन्हें समझने में परेशानी होती है. साथ ही टीचर द्वारा क्लास में पूछे जाने पर प्रश्नों के जवाब देने से भी वे वंचित रहते हैं. ऐसे छात्र परीक्षा में हमेशा पीछे ही रहते हैं. छात्रों को निःसंकोच होकर अपने प्रश्नों को टीचर से पूछना चाहिए. उनके द्वारा बताये गये जवाब को ध्यानपूर्वक सुनना चाहिए और घर आकर उसका नियमित अभ्यास करना चाहिए.
,  सही समय पर सही डायट -
,  परीक्षा के समय डर की वजह से खाने पीना कम कर देते हैं. प्राध्यापिका डा0 सुनीता द्विवेदी बताती हैं परीक्षा के दिनों में छात्रों को अपनी डायट का खास ख्याल रखना चाहिए. नाश्ता, लंच व डिनर सही समय पर लें. हरी साग-सब्जी, दूध, दही, पनीर, तिल से बने मिष्ठान व मूंगफली आदि का सेवन अधिक से अधिक करें, खूब पानी पीयें ताकि डिहाइड्रेशन की कमी न हो. रात को सोने से पहले दूध अवश्य पीयें, सही समय पर डायट परीक्षाफल में सहायक होता है.
,  सेहत के प्रति रहें सजग -
,  डा आभा चक्रवर्ती बताती हैं चूंकि ये मौसम ठंड का होता है ऐसे में जरुरी है कि आप अपने सेहत के प्रति भी सजग रहें. साफ सफाई का खास ध्यान रखें रोजाना गुनगुने पानी से नहायें. दोपहर में खिली धूप में अवश्य बैठें ताकि आपकी बाडी को भरपूर विटामिन डी मिल सके. मौसमानुसार भोजन लें लेकिन सही समय पर.
,  पेरेन्ट्स का पूर्ण सहयोग -
,  अध्यापक वीरेन्दर सिंह के अनुसार अक्सर पेरेन्ट्स अपने बच्चों की अन्य बच्चों से तुलना करते हैं या अपनी डिमांड रखते हैं आपको इतने नम्बर लाने ही होगें। बच्चों पर किसी प्रकार का दवाब न डालें न ही उनकी अन्य छात्र से तुलना करें। परीक्षा के दौरान उन्हें अपना पूर्ण सहयोग दें। उनके खाने पीने उनकी जरुरतों का ध्यान रखें। यदि वे अपने कक्ष में पढ़ाई करते हैं बीच-बीच में जाकर निरीक्षण करें किसी चीज की जरुरत होने पर उन्हें अनदेखा न कर उसे पूरा करें। इससे उनका ध्यान सिर्फ व सिर्फ अपनी पढ़ाई में ही रहेगा और परीक्षा में अच्छे नम्बरों से उत्तीर्ण भी होगें और आप अपने बच्चे पर नाज़ भी करेंगें।
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