1 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में जुटेगा एमएसएमई का महाकुंभ, 1000 से अधिक उद्यमी करेंगे मंथन

-आईआईए की 35वीं वार्षिक आम सभा एवं एमएसएमई पुरस्कार-2026 समारोह में देशभर के उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी
-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे मुख्य अतिथि, व्यापार सुगमता से लेकर निर्यात और तकनीकी उन्नयन पर होगा संवाद
-एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना समय की सबसे बड़ी जरूरत: नीरज सिंघल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों का बड़ा जमावड़ा एक सितंबर को ग्रेटर नोएडा में देखने को मिलेगा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की 35वीं वार्षिक आम सभा एवं एमएसएमई पुरस्कार-2026 समारोह का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित द वेडिंग्स डॉट में किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर से 1000 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों के शामिल होने की संभावना है। आईआईए गाजियाबाद चैप्टर की ओर से भी करीब 100 से 150 पदाधिकारी एवं उद्यमी समारोह में हिस्सा लेंगे। आयोजन के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। कार्यक्रम में वार्षिक आम सभा के साथ उद्योग प्रतिनिधियों के साथ खुला संवाद, मेल-मिलाप, तकनीकी सत्र, नेटवर्किंग और एमएसएमई पुरस्कार समारोह प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘एमएसएमई विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और विकसित भारत-2047’ रखी गई है।

आयोजकों का कहना है कि बदलते वैश्विक कारोबारी माहौल में भारतीय एमएसएमई को नई तकनीक, बेहतर उत्पादकता और मजबूत बाजार व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने आयोजन को लेकर कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में इसकी भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। इसके लिए तकनीकी उन्नयन, कारोबार के विस्तार, निर्यात को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने जैसे विषयों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आईआईए लगातार उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने के साथ उद्योगों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

व्यापार विस्तार और तकनीकी उन्नयन पर होगा विशेष सत्र
आयोजन के तकनीकी सत्र में व्यवसाय विकास एवं व्यवसाय विस्तार मॉडल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ राहुल जैन विशेष सत्र आयोजित करेंगे। इसके साथ ही व्यापार सुगमता, भुगतान में देरी, तकनीकी उन्नयन, निर्यात, हरित विनिर्माण, महिला उद्यमिता और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर भी उद्यमियों के बीच चर्चा होगी। इसका उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को मौजूदा चुनौतियों से निपटने और कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के व्यावहारिक रास्ते उपलब्ध कराना है। समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले एमएसएमई उद्यमियों को एमएसएमई पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा विकसित भारत-2047 के निर्माण में एमएसएमई की भूमिका को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष व्यवसाय दस्तावेज भी जारी किया जाएगा। इसमें उद्योग क्षेत्र की जरूरतों, संभावनाओं और भविष्य की दिशा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। आईआईए के पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 1985 में उद्यमियों के एक छोटे समूह से शुरू हुआ संगठन आज आठ राज्यों, 52 क्षेत्रों और 16,500 से अधिक सदस्यों का मजबूत नेटवर्क बन चुका है। संगठन लगातार एमएसएमई उद्यमियों की समस्याओं को सरकार के सामने उठाने और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

ऊर्जा बचत से मुनाफा बढ़ाने पर भी हुआ मंथन
इसी क्रम में आईआईए गाजियाबाद चैप्टर की ओर से 58वीं मंथन बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठक का विषय ‘एनर्जी सेविंग एवं एनर्जी ऑडिट के जरिए एमएसएमई इंडस्ट्री की प्रोफिटेबिलिटी बढ़ाना’ रहा। इसमें उद्यमियों को ऊर्जा की लागत कम करके सीधे लाभप्रदता बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसईईएम के विशेषज्ञ एवं प्रमाणित ऊर्जा ऑडिटर डॉ. सी.एस. आजाद तथा मान्यता प्राप्त ऊर्जा ऑडिटर डॉ. आर.के. यादव ने ऊर्जा बचत और एनर्जी ऑडिट के माध्यम से औद्योगिक लागत कम करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। आईआईए गाजियाबाद के चेयरमैन हर्ष अग्रवाल ने कहा कि ऊर्जा लागत को नियंत्रित करना एमएसएमई उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और लाभप्रदता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एक सितंबर को होने वाले राष्ट्रीय आयोजन को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल, इलेक्टेड सीईसी मेंबर राकेश अनेजा, राष्ट्रीय सचिव अमित नागलिया, डिविजनल चेयरमैन संजय अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन मनोज कुमार, चैप्टर चेयरमैन हर्ष अग्रवाल, सचिव कुलदीप अत्री, कोषाध्यक्ष दिनेश गर्ग और वाइस चेयरमैन संजय गर्ग ने आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ग्रेटर नोएडा में होने वाला यह आयोजन देश के एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ उद्यमियों को आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और कारोबार विस्तार के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराएगा।