Gautam Public School में दौड़े नन्हे कदम, गूंजा खेलों का जोश, राष्ट्रीय खेल दिवस पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

  • गौतम पब्लिक स्कूल में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
  • दौड़ते कदमों ने बढ़ाया उत्साह, राष्ट्रीय खेल दिवस पर बच्चों ने दिखाया दमखम
  • खेल मैदान में गति के साथ दिखा बच्चों का संतुलन, सहनशक्ति और आत्मविश्वास

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ मनाया गया। भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न खेल एवं दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों के जोश और उत्साह से विद्यालय परिसर पूरे दिन ऊर्जा से भरा नजर आया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना रहा। विद्यालय प्रबंधन की ओर से आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास, धैर्य और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का महत्व समझाया गया।

प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों ने अपनी क्षमता के अनुसार शानदार प्रदर्शन किया और जीत के लिए पूरा जोर लगाया। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए शिक्षकों ने भी उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर स्वस्थ शरीर के साथ मजबूत व्यक्तित्व का निर्माण किया जा सकता है। मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों ने मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढऩे का संकल्प लिया। उत्साह और खेल भावना से भरपूर राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

दौड़ प्रतियोगिताओं में दिखा बच्चों का जोश और आत्मविश्वास
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता शुरू होते ही विद्यार्थियों में जीत हासिल करने का उत्साह दिखाई दिया। मैदान पर दौड़ते बच्चों ने गति, संतुलन, सहनशक्ति और एकाग्रता का शानदार प्रदर्शन किया। जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ी, विद्यालय परिसर तालियों और बच्चों के उत्साह से गूंजता रहा। प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। किसी ने अपनी गति से सभी का ध्यान खींचा तो किसी ने अंतिम क्षण तक हार न मानने का जज्बा दिखाया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें खेल को केवल जीत और हार तक सीमित न रखने की सीख दी।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेना और अनुशासन के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना भी बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद के जीवन और भारतीय हॉकी में उनके अतुलनीय योगदान के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी जयंती को देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

खेल शरीर के साथ व्यक्तित्व का भी करते हैं विकास
विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। विद्यालय के निदेशक आशीष गौतम ने कहा कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाडिय़ों का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, मेहनत और समर्पण जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया। उपप्रधानाचार्या तनुजा ने भी विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में आयोजित इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे चुनौतियों का सामना करना सीखते हैं।

खेल भावना और उमंग के साथ संपन्न हुआ आयोजन
एकेडमिक हेड चेतन शर्मा ने विद्यार्थियों को खेलों के माध्यम से अनुशासन, सहयोग, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मैदान पर सीखी गई टीम भावना और अनुशासन का लाभ बच्चों को उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में भी मिलता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। दौड़ प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और उनका जोश आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। शिक्षकों और सहपाठियों की तालियों ने प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ाया। विद्यार्थियों ने खेलों के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस के उद्देश्य को सार्थक किया।