-निर्माण विभाग से सबसे ज्यादा 9 संदर्भ, जलकल विभाग के पांच मामलों पर भी दिए निर्देश
-पंचवटी से इंदिरापुरम तक के लोगों ने रखीं समस्याएं, संबंधित अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से आयोजित संभव जनसुनवाई में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहरवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं नगर आयुक्त के समक्ष रखीं। कुल 22 संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक मामले निर्माण विभाग से संबंधित रहे। जनसुनवाई में निर्माण विभाग के नौ, स्वास्थ्य विभाग के दो, उद्यान विभाग के दो, प्रकाश विभाग के तीन, कर विभाग का एक तथा जलकल विभाग से संबंधित पांच संदर्भ प्राप्त हुए। नगर आयुक्त ने सभी मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
संभव जनसुनवाई में पंचवटी, स्वर्ण जयंतीपुरम, गोविंदपुरम, बाबू विजयनगर, हिंडन विहार, मॉडल टाउन, नेहरू नगर, नंदग्राम, हरबंस नगर, शास्त्री नगर और अभय खंड इंदिरापुरम सहित विभिन्न क्षेत्रों के निवासी पहुंचे। लोगों ने सड़क, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, सफाई, निर्माण कार्य और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी निगम अधिकारियों को दी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि संभव के तहत प्राप्त 22 संदर्भों पर अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। स्वास्थ्य और प्रकाश विभाग से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि जलकल और निर्माण विभाग से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त संदर्भों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और नागरिकों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए। जनसुनवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को दर्ज करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की। नगर निगम की इस पहल से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद जगी है।















