शहर की बुझी स्ट्रीट लाइटों पर महापौर सुनीता दयाल सख्त, सभी वार्डों में चलेगा विशेष अभियान

-प्रकाश व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बंद लाइटें तत्काल ठीक कराने के निर्देश
-जन्माष्टमी और दीपावली से पहले मंदिरों, प्रमुख मार्गों और वार्डों में दुरुस्त होगी रोशनी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर महापौर सुनीता दयाल ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम के प्रकाश विभाग के अधिकारियों को सभी वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी वार्ड में स्ट्रीट लाइट खराब होने या लाइन बंद रहने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। प्रकाश व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। महापौर ने बुधवार को सिटी जोन, कविनगर जोन और विजय नगर जोन की प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा के लिए सहायक अभियंता स्वप्निल जैन तथा लाइट इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और मनोज कुमार के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने तीनों जोन के सभी वार्डों की स्थिति की जानकारी ली और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। महापौर ने अधिकारियों से पूछा कि किस वार्ड में कितनी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, किन क्षेत्रों में लाइन संबंधी समस्या है और कहां नई लाइटों की आवश्यकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी नियमित रूप से वार्डों का निरीक्षण करें और सभी पार्षदों से लगातार संपर्क बनाए रखें, ताकि प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी समय पर मिल सके और उनका तत्काल समाधान कराया जा सके। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि शहर में प्रकाश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। जिन स्थानों पर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां आवश्यकता के अनुसार नई लाइटें लगाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरवासियों और पार्षदों की ओर से प्राप्त होने वाली शिकायतों को किसी भी स्थिति में लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे वाले स्थानों पर दुर्घटना, चोरी और अन्य घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित की जाए। महापौर ने कहा कि आगामी दिनों में जन्माष्टमी और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। इन अवसरों पर मंदिरों, प्रमुख मार्गों, बाजारों और वार्डों में विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाती है। यदि समय रहते तैयारी शुरू नहीं की गई तो त्योहारों के दौरान कर्मचारियों और पार्षदों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अभी से विशेष अभियान चलाकर प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए। मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खराब लाइटों को तत्काल बदला जाए, ताकि त्योहारों के दौरान शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महापौर ने कहा कि त्योहारों के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिहाज से बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और त्योहारों से पहले प्रत्येक क्षेत्र की व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए। महापौर ने प्रकाश विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए। शिकायत प्राप्त होने के बाद उसका निस्तारण कितने समय में हुआ, इसकी भी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को बिना कार्रवाई के बंद न किया जाए और शिकायतकर्ता को भी समाधान की जानकारी दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर वार्डवार प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा की जाए। प्रत्येक जोन में खराब लाइटों, विद्युत लाइनों और नई लाइटों की आवश्यकता का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इसके आधार पर मरम्मत और स्थापना का कार्य कराया जाए। बैठक में अधिकारियों ने महापौर को आश्वस्त किया कि सभी वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक कराया जाएगा। साथ ही त्योहारों से पहले विशेष प्रकाश व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।