हाथरस कांड पर फूटा जाटव समाज का गुस्सा
लखनऊ। हाथरस कांड पर बसपा सुप्रीमो मायावती की बेरूखी से नाराज जाटव समाज का गुस्सा बाहर आ गया है। मायावती द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात न करने से खफा जाटव महापंचायत ने बुधवार को आगरा में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मायावती के पोस्टर और बसपा के झंडे तक जलाए। जनपद हाथरस में दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या के मामले पर समूचा विपक्ष योगी सरकार के खिलाफ हमलावर है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और मौजूदा राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सबसे पहले पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसके बाद रालोद नेता जयंत चौधरी और चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी थी, मगर सूबे में दलितों की सबसे बड़ी नेत्री मायावती ने अब तक हाथरस का रूख नहीं किया है। बसपा सुप्रीमो सिर्फ ट्वीट कर अपनी बात रख रही हैं। इससे जाटव समाज बेहद आहत नजर आ रहा है। आगरा में जाटव महापंचायत के सदस्यों ने बुधवार को बसपा सुप्रीमो के खिलाफ प्रदर्शन किया। आगरा में जगदीशपुरा थानांतर्गत अम्बेडकर पार्क में प्रदर्शन कर बसपा के झंडे और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पोस्टर जलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मायावती के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलित समाज के साथ छलावा किया है। जनता उन्हें इसका जवाब जरूर देगी। यह पहला मौका है जब जाटव समाज में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रति इस कदर रोष देखने को मिल रहा है। बता दें कि बसपा सुप्रीमो मायावती के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अब तक हाथरस कांड के पीड़ितों के आंसू पोंछने नहीं पहुंचे हैं। किसी समय में सपा और बसपा को उत्तर प्रदेश में सबसे मजबूत राजनीतिक दल माना जाता था। दोनों दलों ने लंबे समय तक सत्ता का सुख भी भोगा है।

















