महुआ अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने छेड़ा अभियान, 10 लीटर कच्ची शराब बरामद

-गोसाईगंज क्षेत्र के कबीरपुर और महुराकलां में टीम ने की छापेमारी
-50 किलोग्राम लहन मौके पर नष्ट, दो महिला तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के देहात क्षेत्र में महुआ रानी की अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अवैध शराब का धंधा दोबारा पैर पसारने से पहले ही विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के निर्देशन में आबकारी विभाग की टीमें दिन-रात छापेमारी और दबिश देकर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के ठिकानों को चिन्हित कर रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को आबकारी निरीक्षक राहुल सिंह, विवेक सिंह और अरविंद बघेल की संयुक्त टीम ने थाना गोसाईगंज क्षेत्र के ग्राम कबीरपुर, महुराकलां, महुराखुर्द और आसपास के संदिग्ध गांवों, स्थलों तथा बगीचों में व्यापक अभियान चलाया। टीम ने कई स्थानों पर अचानक दबिश देकर अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप मचा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब बनाने के लिए तैयार किया गया लगभग 50 किलोग्राम लहन भी बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मच गई।

टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध स्थानों की गहनता से जांच की और स्थानीय लोगों से भी अवैध शराब के निर्माण व बिक्री के संबंध में जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी गांव या बगीचे में अवैध शराब बनाने की गतिविधि सामने आने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने जिस तरह से एक साथ कई गांवों और संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, उससे विभाग की कार्यशैली की सराहना हो रही है। टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बनाने के ठिकानों का पता लगाया और मौके पर मौजूद लहन को नष्ट कर दिया। अधिकारियों की सक्रियता से यह संदेश गया है कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों को अब छिपने का मौका नहीं मिलेगा।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान टीमों द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही पुराने मामलों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है। आबकारी निरीक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जांच करें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, जहां पहले अवैध शराब बनाने की शिकायतें मिलती रही हैं। आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध शराब का सेवन न करें और इसके कारोबार से जुड़े लोगों की सूचना देकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

दो महिला तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अभियान के दौरान बरामद अवैध शराब और लहन के मामले में आबकारी विभाग ने दो महिला तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। विभाग के अनुसार सुशीला देवी पत्नी स्वर्गीय दिनेश रावत निवासी कबीरपुर और सुखदेई पत्नी महावीर पासी निवासी महुराखुर्द, थाना गोसाईगंज के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर भी गंभीर खतरा पैदा होता है। कई बार जहरीली शराब के सेवन से लोगों की जान तक चली जाती है। इसी को देखते हुए आबकारी विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

दिन-रात सक्रिय है आबकारी विभाग की टीम
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ विभाग की कार्रवाई में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है और संदिग्ध गांवों, बगीचों तथा सुनसान स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज करना नहीं, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे अवैध शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल आबकारी विभाग या पुलिस को दें।