-ब्रिक्स समिट और त्योहारों को लेकर पुलिस आयुक्त का सख्त रुख
-हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन और सूचीबद्ध अपराधियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
-गणेश चतुर्थी व शारदीय नवरात्रि में सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस
-हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन और सूचीबद्ध अपराधियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
-गणेश चतुर्थी व शारदीय नवरात्रि में सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली में होने वाली 18वीं ब्रिक्स समिट-2026 और आगामी गणेश चतुर्थी एवं शारदीय नवरात्रि को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। मंगलवार को पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ कर दिया कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आगामी आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए अभी से प्रभावी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा गोष्ठी में पिछले दो वर्षों के तुलनात्मक अपराधों और निरोधात्मक कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने लूट, स्नैचिंग, वाहन चोरी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और तैयार कार्ययोजना के क्रियान्वयन की स्थिति जानी।
गाजियाबाद। दिल्ली में होने वाली 18वीं ब्रिक्स समिट-2026 और आगामी गणेश चतुर्थी एवं शारदीय नवरात्रि को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। मंगलवार को पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ कर दिया कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आगामी आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए अभी से प्रभावी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा गोष्ठी में पिछले दो वर्षों के तुलनात्मक अपराधों और निरोधात्मक कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने लूट, स्नैचिंग, वाहन चोरी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और तैयार कार्ययोजना के क्रियान्वयन की स्थिति जानी।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध नियंत्रण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखाई देना चाहिए। बैठक में एसएसओ पोर्टल के टाइमलाइन डैशबोर्ड पर एक जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक 60 दिवस एवं 90 दिवस में निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा सीसीएमएस पोर्टल के अनुसार बीएनएसएस की धारा-129 और 152 के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने और अपराधियों पर लगातार नजर रखने को कहा। पुलिस आयुक्त ने यक्ष ऐप पर निर्धारित समयावधि में सूचीबद्ध अपराधियों के सत्यापन तथा हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अपराधियों का सत्यापन महज औपचारिकता न बने।
संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। अगस्त माह में पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षणों की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी जरूरी है। गणेश चतुर्थी और शारदीय नवरात्रि के मद्देनजर पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। आयोजकों के साथ समन्वय रखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से तैयार रखा जाए। दिल्ली में आयोजित होने वाली 18वीं ब्रिक्स समिट के मद्देनजर गाजियाबाद कमिश्नरेट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। दिल्ली से जुड़े मार्गों, प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखने तथा किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें और हर स्तर पर प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राजकरन नैय्यर, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, अपर पुलिस उपायुक्त, सर्किल के सहायक पुलिस आयुक्त तथा सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध शुचेता सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त के सख्त निर्देशों से साफ है कि ब्रिक्स समिट से लेकर आगामी त्योहारों तक गाजियाबाद पुलिस कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

















