धुएं का गुबार और चारों ओर लपटें, दमकल की मुस्तैदी ने बचाई पूरी इंडस्ट्री

  • ऊंची इमारत के ऊपरी हिस्से में भड़की आग ने बढ़ाई चुनौती, चार दिशाओं से शुरू किया गया ऑपरेशन
  • आग बुझाने के साथ आसपास की औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षित रखने पर भी रहा पूरा फोकस
  • काले धुएं के बीच दमकलकर्मियों ने जोखिम उठाकर संभाला मोर्चा, हर स्तर पर दिखा बेहतर तालमेल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-ए2 में सोमवार दोपहर ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले एयर फिल्टर बनाने वाली अरुण एसोसिएट्स/जिप फिल्टर्स फैक्टरी में भीषण आग लग गई। फैक्टरी की चौथी मंजिल पर अस्थायी टीन शेड के पूरे हिस्से में आग फैलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग से तेज लपटों के साथ काले धुएं का गुबार उठता देख आसपास की फैक्टरियों में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही लोनी फायर स्टेशन से तीन फायर टेंडर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद साहिबाबाद, वैशाली और खेकड़ा से भी दमकल वाहन बुलाए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के निर्देशन में दमकल कर्मियों ने दोनों सीढिय़ों से चार हौज पाइप लाइन बिछाकर चार ब्रांच से पानी की बौछार शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और दोपहर दो बजे तक कूलिंग का काम भी पूरा कर लिया गया। राहत की बात रही कि हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। सोमवार दोपहर करीब 12:36 बजे लोनी (ट्रॉनिका सिटी) फायर स्टेशन को ट्रॉनिका सिटी इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर ए-2 स्थित प्लॉट नंबर डी-25 पर संचालित फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से तीन फायर टेंडर रवाना किए गए। घटनास्थल फायर स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर दूर होने के कारण दमकल टीम लगभग छह मिनट में मौके पर पहुंच गई। वहां पहुंचने पर देखा गया कि करीब 1745 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनी चार मंजिला इमारत के चौथे तल पर आग ने पूरे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही दमकल की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग को सीमित क्षेत्र में रखते हुए कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने बेहद सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ काम किया, जिससे आग को फैक्टरी के दूसरे हिस्सों और आसपास की इकाइयों तक फैलने से रोक लिया गया। उन्होंने पूरी टीम की तत्परता और साहसिक कार्रवाई की सराहना की।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण वेल्डिंग कार्य से निकली चिंगारी माना जा रहा है। आग की वजह से चौथी मंजिल पर बने अस्थायी टीन शेड का ढांचा नीचे की ओर झुक गया है। हालांकि आग से हुए आर्थिक नुकसान का अभी आकलन नहीं हो सका है। दमकल विभाग द्वारा घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। दमकल टीम की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना को गंभीर रूप लेने से रोक लिया गया। खास बात यह रही कि भीषण आग के बावजूद किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे दमकल विभाग और फैक्टरी प्रबंधन ने राहत की सांस ली।

चौथी मंजिल के टीन शेड में लगी थी भीषण आग
फैक्टरी की चौथी मंजिल का निर्माण अस्थायी टीन शेड के ढांचे से किया गया था। आग इसी हिस्से में लगी थी, जिसके कारण लपटें तेजी से फैल गईं और काला धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। फैक्टरी में मौजूद कर्मचारियों ने शुरुआत में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता बढऩे के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल को घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त संसाधन मौके पर भेजे गए। उनके निर्देश पर खेकड़ा फायर स्टेशन, जनपद बागपत से एक फायर टेंडर, साहिबाबाद से दो फायर टेंडर और वैशाली से दो वाटर बाउजर घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। कुछ ही समय में सभी दमकल टीमें मौके पर पहुंच गईं और संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

दोनों सीढिय़ों से चार लाइन बिछाकर आग पर पाया काबू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल स्वयं भी घटनास्थल पर पहुंचे और अपनी टीम के साथ राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाली। उनके निर्देशन और पर्यवेक्षण में फैक्टरी की दोनों सीढिय़ों से दो-दो हौज पाइप की लाइन बिछाई गई और कुल चार ब्रांच से लगातार पानी की बौछार की गई। दमकल कर्मियों ने आग को फैक्टरी के अन्य तल और आसपास की फैक्टरियों तक पहुंचने से रोकने के लिए विशेष रणनीति के साथ काम किया। दमकल टीम की तत्परता और समन्वित कार्रवाई का नतीजा रहा कि करीब 13:30 बजे आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर गहन जांच करते हुए सुलगते हिस्सों पर पानी डालकर कूलिंग का काम शुरू किया। करीब दोपहर दो बजे तक आग को पूरी तरह बुझाने के साथ कूलिंग भी पूरी कर ली गई।