गांवों में भी मिलेंगी सेक्टर जैसी सुविधाएं, पांच गांवों में बनेंगे सामुदायिक केंद्र

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के गांवों में रहने वाले लोगों को अब शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए छोटे बरातघरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने डाढ़ा, लुक्सर, इमलियाका, सिरसा और मिलक लच्छी में सेक्टरों की तर्ज पर सामुदायिक केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पांचों केंद्रों के निर्माण पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक सामुदायिक केंद्र के लिए करीब चार से पांच एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले डेढ़ से दो महीने में निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। कार्यदायी संस्था को निर्माण पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय दिया जाएगा।

दो मंजिला इमारत में मिलेंगी कई सुविधाएं

प्रस्तावित सामुदायिक केंद्र दो मंजिला होंगे। भूतल पर लॉबी, पार्टी हॉल, किचन, स्टोर, एक कमरा और महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। प्रथम तल पर लॉबी और लाइब्रेरी के साथ महिला व पुरुष शौचालय की सुविधा होगी। केंद्रों में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी।

छोटे बरातघरों से होगी राहत

प्राधिकरण की ओर से आवासीय सेक्टरों में शादी समारोह, जन्मदिन, आरडब्ल्यूए की बैठक और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक केंद्र बनाए गए हैं। अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, स्वर्णनगरी और पी-3 समेत कई सेक्टरों में ये सुविधा उपलब्ध है। वहीं गांवों में अब तक मुख्य रूप से छोटे बरातघरों का निर्माण कराया जाता रहा है। सामुदायिक केंद्रों की तुलना में इनका आकार छोटा होने के कारण बड़े कार्यक्रम आयोजित करने में लोगों को परेशानी होती है। इसी समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने गांवों में भी सेक्टरों जैसी सुविधा विकसित करने का फैसला लिया है। पहले चरण में पांच गांवों को योजना में शामिल किया गया है। आगे अन्य गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से सामुदायिक केंद्र बनाए जाने की योजना है।

वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह ने बताया कि पांच गांवों के सामुदायिक केंद्रों के लिए निविदा जारी कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद डेढ़ से दो महीने में निर्माण शुरू कराया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि गांवों में लंबे समय से सामुदायिक केंद्रों की मांग की जा रही थी। प्राधिकरण का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों। पांच गांवों में निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और तय समय में काम पूरा कराया जाएगा।