भूखंड लेकर बैठे आवंटियों पर यीडा की सख्ती, सात का आवंटन रद्द, 38 को आखिरी मौका

-निर्धारित समय में रकम जमा नहीं करने और रजिस्ट्री पूरी नहीं कराने पर हुई कार्रवाई
-एक आवंटी ने भूखंड किया सरेंडर, 38 अन्य आवंटियों पर भी निरस्तीकरण की कार्रवाई संभव
-सेक्टर-28, 29, 32 और 33 के 300 से 5000 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर कार्रवाई
-27 आवंटियों को 31 अगस्त तक सुनवाई का अंतिम मौका, 11 अन्य की भी होगी सुनवाई

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आवंटित औद्योगिक भूखंडों पर उद्योग स्थापित करने में लापरवाही बरतने वाले आवंटियों के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित समय में भूखंड की कीमत जमा नहीं करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर यीडा ने सात औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। वहीं, एक आवंटी ने अपना भूखंड प्राधिकरण को सरेंडर कर दिया है। इसके अलावा 38 अन्य आवंटियों पर भी भूखंड निरस्तीकरण की कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

यीडा की प्राथमिकता क्षेत्र में अधिक से अधिक उद्योगों को धरातल पर उतारने की है। इसी के तहत प्राधिकरण औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों की ओर से आवंटियों से वन-टू-वन बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग भी दिया जा रहा है। जिन आवंटियों को किसी कारण से दिक्कत आ रही है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत मौका दिया जा रहा है। इसके बावजूद जो आवंटी न तो भूखंड की रकम जमा कर रहे हैं और न ही रजिस्ट्री करा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

सात भूखंडों का आवंटन रद्द

प्राधिकरण ने डाक्स इंजीनियर्स, ऑटोमेशन बिल्डर्स, ढल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, गुरु पदम इंटरप्राइजेज, ग्लोब टेक्नोक्रेट लिमिटेड, मुस्तफीज हैदर और इमरान अली के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसके अलावा श्रीकृष्णा इंटरप्राइजेज ने अपना भूखंड प्राधिकरण को सरेंडर कर दिया है।

ये भूखंड यीडा के सेक्टर-28, 29, 32 और 33 में स्थित हैं। इनका क्षेत्रफल करीब 300 वर्ग मीटर से लेकर 5000 वर्ग मीटर तक है। आवंटन निरस्त किए गए भूखंडों को अब आगामी योजनाओं में शामिल किया जाएगा। इसके बाद नियमों के तहत इनका दोबारा आवंटन किया जा सकेगा।

27 आवंटियों को अंतिम मौका

यीडा ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 27 औद्योगिक भूखंड आवंटियों को सुनवाई का अंतिम अवसर दिया है। इन आवंटियों की सुनवाई 31 अगस्त तक की जाएगी। इस दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने और नियमों के मुताबिक आगे की प्रक्रिया पूरी करने का मौका मिलेगा।

इसके अलावा 11 अन्य आवंटियों को भी जल्द सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यदि संबंधित आवंटी सुनवाई में उपस्थित नहीं होते हैं या निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं करते हैं तो उनके भूखंड का आवंटन भी निरस्त किया जा सकता है। इस तरह कुल 38 आवंटियों के भूखंड फिलहाल कार्रवाई के दायरे में हैं।

तीन हजार से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक तीन हजार से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। प्राधिकरण का उद्देश्य इन भूखंडों पर जल्द से जल्द उद्योगों की स्थापना कराना और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसी वजह से आवंटियों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

प्राधिकरण की ओर से पहले आवंटियों को नोटिस जारी कर बकाया धनराशि जमा करने और रजिस्ट्री कराने के लिए समय दिया गया। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों के खिलाफ अब निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि जिन लोगों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किया गया है, उन्हें निर्धारित समय पर उसकी कीमत जमा करने के साथ रजिस्ट्री भी करानी चाहिए। प्राधिकरण की कोशिश है कि आवंटित भूखंडों पर जल्द उद्योग स्थापित हों। नियमों का पालन नहीं करने वाले आवंटियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।