गड्ढामुक्त शहर की राह में नगर निगम का हाईटेक कदम, AI से हुआ सड़कों का पूरा X-ray

• 15 दिन में पांचों जोन की 475 किमी सड़कों का सर्वे, 250 मार्ग मरम्मत के लिए चिन्हित
• एआई ने छोटे-बड़े गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों को किया रिकॉर्ड, मरम्मत का खर्च भी आंका
• नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सर्वे रिपोर्ट देखी, निर्माण विभाग को कार्रवाई के निर्देश
• कविनगर, विजयनगर, वसुंधरा, सिटी और मोहन नगर जोन की सड़कों की हुई तकनीकी जांच
• शिकायतों के बजाय वास्तविक स्थिति के आधार पर तय होगी सड़क मरम्मत की प्राथमिकता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त और बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम ने अब हाईटेक तकनीक का सहारा लिया है। नगर निगम ने रोड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम और एआई आधारित तकनीक के माध्यम से शहर के पांचों जोन में करीब 475 किलोमीटर सड़कों का सर्वे कराया है। महज 15 दिनों में पूरे किए गए इस सर्वे में करीब 250 सड़कों को चिन्हित कर उनकी स्थिति की विस्तृत सारणी तैयार की गई है। खास बात यह रही कि तकनीक के जरिए सड़कों पर मौजूद छोटे से छोटे गड्ढे, क्षतिग्रस्त हिस्से और सड़क की खराब स्थिति को भी चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही संबंधित सड़कों की मरम्मत में आने वाले अनुमानित खर्च का आकलन भी तैयार किया गया है। मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों के साथ सर्वे रिपोर्ट की विस्तृत प्रेजेंटेशन देखी और चिन्हित सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण विभाग को सर्वे के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए सड़क सुधार की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। नगर निगम का यह प्रयास शहर में सड़क रखरखाव की व्यवस्था को अधिक तकनीकी, पारदर्शी और जरूरत आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम का निर्माण विभाग लगातार सड़क निर्माण और सड़क सुधार के कार्यों पर काम कर रहा है। इसी क्रम में पूर्व में बनी सड़कों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए करदायी संस्था साइबर स्विफ्ट के माध्यम से रोड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम से सर्वे कराया गया। एआई आधारित इस तकनीक के माध्यम से कविनगर, विजयनगर, वसुंधरा, सिटी और मोहन नगर जोन की सड़कों की जांच की गई। सर्वे के दौरान कविनगर जोन में 106 किलोमीटर, विजयनगर जोन में 54.6 किलोमीटर, वसुंधरा जोन में 110 किलोमीटर, सिटी जोन में 104 किलोमीटर तथा मोहन नगर जोन में 98.22 किलोमीटर सड़कों को कवर किया गया। इस तरह पांचों जोन में लगभग 475 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का तकनीकी सर्वे किया गया। सर्वे में सड़क की स्थिति का डिजिटल विश्लेषण करते हुए करीब 250 ऐसी सड़कों को चिन्हित किया गया, जहां मरम्मत अथवा सुधार की आवश्यकता है।
तकनीक की मदद से सड़क पर मौजूद छोटे और बड़े गड्ढों के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों को भी रिकॉर्ड किया गया। इससे अधिकारियों को मौके की स्थिति के आधार पर सड़क सुधार की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। सर्वे रिपोर्ट में चिन्हित सड़कों के मरम्मत कार्य पर आने वाले अनुमानित व्यय का विवरण भी शामिल किया गया है। नगर निगम ने सर्वे के आधार पर उन सड़कों को प्राथमिकता में रखा है, जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत महसूस की गई है। मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अप्सरा बॉर्डर से मोहन नगर मार्ग, कविनगर के आई ब्लॉक, संजय नगर के पी ब्लॉक, सिटी जोन की लाल क्वार्टर रोड, वसुंधरा की बुध चौक मार्ग रोड और विजयनगर के सेक्टर-12 ब्लॉक की सड़क को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया है। इन सड़कों की मरम्मत के लिए उपलब्ध बजट के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित टीम को दिए गए हैं।
नगर निगम का उद्देश्य तकनीकी सर्वे के आधार पर पहले उन सड़कों को दुरुस्त करना है, जहां सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। इससे सड़क मरम्मत के कार्यों में प्राथमिकता तय करने के साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क सुधार केवल नई सड़क बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पहले से बनी सड़कों का समय पर रखरखाव भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत आधुनिक तकनीक के माध्यम से सड़क की स्थिति का आंकलन कराया गया है, ताकि मरम्मत के लिए केवल शिकायतों पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जा सके।
रोड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए तैयार रिपोर्ट नगर निगम के लिए सड़क सुधार की योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण आधार बनेगी। सर्वे के दौरान सड़कों की स्थिति को तकनीकी रूप से रिकॉर्ड किया गया और चिन्हित स्थानों का विवरण तैयार किया गया। इसके आधार पर 250 सड़कों की मरम्मत के संभावित व्यय का अनुमान भी सामने आया है। नगर निगम का मानना है कि एआई आधारित सर्वे से सड़क सुधार कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप निर्णय लेने में सुविधा होगी। सर्वे के बाद निर्माण विभाग द्वारा चिन्हित सड़कों की मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। नगर निगम ने सड़क सुधार को केवल अपने अधिकार क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा है। आवास विकास, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को भी उनके अधीन आने वाली सड़कों के सुधार के संबंध में पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के साथ वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में भी सड़क रखरखाव महत्वपूर्ण है। धूल और टूटे सड़क मार्गों से होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बेहतर रखरखाव पर जोर दिया जा रहा है। सर्वे की समीक्षा के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सहित नगर निगम की एक्सपर्ट टीम मौजूद रही। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी सर्वे में चिन्हित सड़कों पर उपलब्ध बजट के अनुसार जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें उपलब्ध हो सकें।