-शिकायतों के समाधान में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं: रविंद्र कुमार मॉंदड़
-जनसुनवाई में पहुंची रीना की फरियाद पर डीएम ने दिखाई संवेदनशीलता, अफसरों की टीम ने कराया समाधान
-आपसी सहमति से महिला को दिलाया गया मकान का कब्जा, जांच जारी, दोषियों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
-मकान मिलने पर भावुक हुई महिला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन की टीम का जताया आभार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनसुनवाई में फरियाद लेकर पहुंची महिला की शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे उसके मकान का कब्जा दिला दिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की सक्रिय कार्यशैली का असर यह रहा कि शिकायत सामने आने के बाद मामले में तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए और अगले ही दिन संबंधित पक्षों को बुलाकर प्रकरण की सुनवाई की गई। आपसी सहमति के आधार पर महिला को उसके मकान का कब्जा प्राप्त हो गया। मकान का कब्जा मिलने के बाद महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी और पूरी प्रशासनिक टीम का आभार जताया। जानकारी के अनुसार रीना पत्नी रवि, निवासी सी-259, ब्लॉक-सी, राजीव नगर, भौपुरा, साहिबाबाद ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में अपने मकान पर अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। महिला ने बताया कि उसने 30 मार्च 2026 को वीरेंद्र सिंह से प्रॉपर्टी डीलर तरुण चौधरी के माध्यम से मकान संख्या-518, प्लॉट संख्या-88, खसरा संख्या-128, रामा विहार कॉलोनी, ग्राम ब्रह्मपुरी उर्फ भोपुरा स्थित डेढ़ मंजिला मकान खरीदा था।
महिला के अनुसार मकान खरीदने के बाद विक्रेता के परिवार के कुछ सदस्यों ने उस पर कब्जा कर लिया और मकान में ताला लगा दिया। इसके चलते वह अपने परिवार और बच्चों के साथ परेशानी का सामना कर रही थी। महिला ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उसे मकान का कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम में थाना टीला मोड़ के एसएचओ और तहसीलदार रितेश सिंह को शामिल किया गया। अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर तथ्यों का सत्यापन करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत तथ्यों का सत्यापन किया गया और प्रकरण से जुड़े पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान कराने का प्रयास किया गया।
जिला प्रशासन की तत्परता से मामला आगे बढ़ा और 12 सितंबर को थाना टीला मोड़ में संबंधित पक्षों को बुलाकर सुनवाई की गई। थाना टीला मोड़ में प्रॉपर्टी डीलर तरुण चौधरी पुत्र वेद प्रकाश निवासी भौपुरा, साहिबाबाद तथा वीरेंद्र सिंह निवासी भौपुरा सहित संबंधित पक्षों को बुलाया गया था। हालांकि प्रॉपर्टी डीलर और वीरेंद्र सिंह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। वहीं मकान खरीदने और कब्जे से संबंधित पक्ष मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकरण का निस्तारण कराने की कार्रवाई की। सुनवाई के दौरान उभय पक्षों को सुनने के बाद आपसी सहमति के आधार पर श्रीमती रीना को उनके मकान का कब्जा प्राप्त हो गया। मकान का कब्जा मिलने के बाद महिला ने मौके पर ही संतोष व्यक्त किया और जिला प्रशासन की कार्रवाई के प्रति आभार जताया।
“कल शिकायत की, आज मकान मिल गया’
कब्जा मिलने के बाद रीना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ सहित पूरी प्रशासनिक टीम का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनपद में कर्मठ, जुझारू, कर्तव्यनिष्ठ और सेवापरायण अधिकारियों की नियुक्ति की है, जिसके लिए वह सदैव आभारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही जिलाधिकारी को अपनी समस्या बताई थी और अगले ही दिन उन्हें अपना मकान मिल गया। उन्होंने डीएम और पूरी टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी पूरे देश में होने चाहिए।
एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता को उसके मकान पर कब्जा दिला दिया गया है। साथ ही प्रकरण की जांच अभी जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल दर्ज कर छोडऩे के बजाय उनका समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। महिला को कम समय में मकान का कब्जा मिलना प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण माना जा रहा है।

















