-कौशांबी की महिलाओं की टोली ने सामूहिक रूप से फिल्म का आनंद लिया, पूरे मॉल में दिखा भक्ति का उत्साह
-पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने भक्तों का बढ़ाया उत्साह, कहा- भगवान हनुमान का जीवन हमें साहस और सेवा की प्रेरणा देता है
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कौशांबी क्षेत्र के भक्तों की टोली द्वारा शनिवार को ईडीएम मॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म का सामूहिक रूप से आनंद लिया गया। भगवान हनुमान के जीवन और उनके आदर्शों से जुड़ी फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु उत्साह के साथ मॉल पहुंचे। भक्तों की टोली के पहुंचने से ईडीएम मॉल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। फिल्म देखने के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया और भगवान श्रीराम तथा हनुमान जी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद कुसुम मनोज गोयल भी भक्तों की टोली के बीच पहुंचीं और महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि साहस, समर्पण, सेवा, अनुशासन और निष्ठा के भी प्रतीक हैं। उनके जीवन से प्रत्येक व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं और महापुरुषों के आदर्शों से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कुसुम मनोज गोयल ने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रति लोगों की आस्था सदियों से कायम है।
हनुमान जी ने अपने प्रभु श्रीराम के प्रति जिस तरह समर्पण और सेवा भाव का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजनों से आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है और लोगों को एक साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। फिल्म देखने के दौरान महिला टोली में विशेष उत्साह देखने को मिला। जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं में भगवान हनुमान के प्रति भक्ति और भावनाएं और अधिक प्रबल होती गईं। फिल्म के दौरान कई अवसरों पर भक्तों ने जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे लगाए। इससे मॉल का वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। महिलाओं ने कहा कि फिल्म के माध्यम से भगवान हनुमान के व्यक्तित्व, उनके समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को करीब से महसूस करने का अवसर मिला।
भक्तों की टोली में मंजू शर्मा, रीना मिगलानी, सोनू, सील, वंदना चावला, उर्मिल अरोड़ा, रजनी, शीला, बबीता, आशा, अंजुल, सीमा, मोनिका, पूजा, अंशुल, सुषमा, ज्योति, प्रवेश, आरती गांधी, ममता शर्मा, कृति अरोड़ा, शैलजा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने फिल्म का आनंद लिया और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत इस आयोजन को यादगार बताया। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने कहा कि भगवान हनुमान के आदर्श आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनकी निष्ठा, विनम्रता, पराक्रम और सेवा भावना समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सामूहिक रूप से फिल्म देखने के इस आयोजन ने कौशांबी की महिलाओं को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और धार्मिक भावनाओं को साझा करने का अवसर भी दिया। पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने सभी श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि क्षेत्र में सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है। उन्होंने सभी से भगवान हनुमान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज की सेवा में योगदान देने का आह्वान किया। जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों के बीच यह सामूहिक फिल्म दर्शन कार्यक्रम उत्साह और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।

















