- ट्रांस हिंडन में आठ स्थानों पर औचक जांच, दो प्रतिष्ठानों में हुक्का संचालित मिला
- प्रतिबंध के बावजूद हुक्का बार चलने पर स्थानीय पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में, बीट सिपाही से चौकी इंचार्ज तक की जवाबदेही तय करने की तैयारी
- डीसीपी ने मौके पर पहुंचकर की पूछताछ, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में प्रतिबंधित गतिविधियों के खिलाफ पुलिस उपायुक्त ऋजुल ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार देर रात बार और क्लबों में औचक छापेमारी की। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में कौशांबी के एंजल मॉल स्थित पब्लिक हाउस और साहिबाबाद क्षेत्र के याराना में हुक्का संचालित होता मिला। डीसीपी ने मौके पर मौजूद मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रतिबंध के बावजूद हुक्का बार संचालित मिलने पर स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी गई है। बीट सिपाही से लेकर चौकी इंचार्ज और थाना पुलिस तक की जिम्मेदारी की पड़ताल की जा रही है। शनिवार देर रात दरमियानी रात डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल, एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य और पुलिस बल के साथ जांच अभियान पर निकले। रात करीब दो बजे टीम एंजल मॉल पहुंची, जहां पब्लिक हाउस में हुक्का बार संचालित मिलता दिखाई दिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की।

अधिकारियों के पहुंचने पर कर्मचारी चुप हो गए। सूचना पर कौशांबी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। डीसीपी ने स्थानीय पुलिस को फटकार लगाते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। देर रात तक करीब आठ स्थानों पर जांच की गई। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के याराना में भी हुक्का संचालित होता मिला। पुलिस के अनुसार, यहां युवक-युवतियों के लिए हुक्का बार चलाया जा रहा था। दोनों स्थानों पर मिली गतिविधियों के संबंध में संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन जोन ऋजुल ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में प्रतिबंधित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से देर रात बार और क्लबों की औचक जांच की गई।
करीब आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें दो स्थानों पर हुक्का संचालित पाया गया। संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद ऐसी गतिविधियां संचालित होने के मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऋजुल ने स्पष्ट किया कि कानून और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच, जवाबदेही होगी तय
प्रतिबंध के बावजूद प्रतिष्ठानों में हुक्का संचालित मिलने के बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्रों में हुक्का बार किस तरह संचालित हो रहे थे और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी थी या नहीं। बीट सिपाही, चौकी इंचार्ज और थाना पुलिस की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ऋजुल की इस कार्रवाई को प्रतिबंधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने और स्थानीय पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। देर रात प्रतिष्ठानों की जांच कर अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी संचालन पर सख्ती
पुलिस के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 29 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का परोसे जाने से संबंधित प्रतिबंधात्मक व्यवस्था के संदर्भ में आदेश पारित किया था। हुक्का बार के संचालन और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का परोसने से जुड़े मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों और कानून का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।

















