- त्योहारों और आगामी चुनाव को लेकर अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान तेज
- रिस्तल-जावली में दबिश के दौरान 10 लीटर कच्ची शराब और 500 किलो लहन बरामद, मौके पर किया नष्ट
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आगामी चुनाव और त्योहारों को देखते हुए जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। हिंडन खादर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाने के धंधे पर दोबारा पैर पसारने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। छापेमारी, संदिग्ध ठिकानों की निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से आबकारी टीम अवैध शराब के कारोबार को पनपने से पहले ही रोकने में जुटी है। इसी अभियान के तहत बुधवार को थाना टीला मोड़ क्षेत्र के रिस्तल और जावली में दबिश देकर करीब 10 लीटर अवैध कच्ची शराब और तीन ड्रमों में भरा लगभग 500 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के निर्देशन में विभाग की टीमें दिन और रात में संदिग्ध इलाकों पर नजर रख रही हैं।
आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा के नेतृत्व में की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य अवैध शराब बनाने वालों के ठिकानों की पहचान कर उनके नेटवर्क पर अंकुश लगाना है। विभाग की रणनीति केवल शराब बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लहन और अन्य सामग्री को भी नष्ट कर उत्पादन की संभावनाएं खत्म करना है। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संदिग्ध स्थानों पर निगरानी के साथ सूचना मिलने पर दबिश दी जाएगी और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए और आगामी चुनाव व त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों।

जमीन के नीचे छिपाए थे लहन से भरे ड्रम
बुधवार को आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा ने अपनी टीम के साथ रिस्तल और जावली के संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान टीम को करीब 10 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली। इसके अलावा तीन ड्रमों में लगभग 500 किलोग्राम लहन भरा हुआ था। अवैध शराब को कब्जे में लेकर लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मामले में आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग भी पंजीकृत किया गया है।
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि शराब बनाने में शामिल लोगों ने विभाग की नजरों से बचने के लिए जंगल के बीच गड्ढा खोदकर लहन से भरे ड्रम जमीन के नीचे छिपा रखे थे। आबकारी टीम ने संदिग्ध स्थान की तलाशी लेते हुए जमीन में दबाए गए ड्रमों को भी बाहर निकाल लिया। इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि अवैध शराब बनाने वाले निगरानी से बचने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन विभाग भी लगातार दबिश देकर ऐसे ठिकानों की तलाश कर रहा है।
दिन-रात निगरानी, मुखबिर तंत्र से जुटाई जा रही जानकारी
आबकारी विभाग ने हिंडन खादर क्षेत्र सहित जिले के दूसरे संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई है। टीम कभी दिन में तो कभी रात के समय संदिग्ध स्थानों पर पहुंचकर जांच कर रही है। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र के जरिए अवैध शराब के निर्माण और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग की कोशिश है कि चुनाव और त्योहारों के दौरान अवैध शराब की आपूर्ति न हो और शराब के जरिए माहौल बिगाडऩे की किसी भी कोशिश को समय रहते रोका जा सके।
आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की रणनीति के तहत निरीक्षकों और टीमों को सक्रिय रहकर सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है। आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा की टीम की ओर से की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ी जानकारी मिलने पर सहयोग करने की अपील की है।

















