अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम का पाठ पढ़ेंगे भावी शिक्षक, मॉडर्न कॉलेज में स्काउट-गाइड शिविर शुरू

  • तीन दिवसीय शिविर में बीएड और डीएलएड के विद्यार्थी सीखेंगे आत्मनिर्भरता, सेवा भाव और टीम भावना के गुर
  • नौ टोलियों में बंटकर विद्यार्थी विभिन्न भारतीय राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और वेशभूषा को करेंगे प्रदर्शित 

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भावी शिक्षकों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आनंद औद्योगिक क्षेत्र स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, मोहन नगर में तीन दिवसीय स्काउट एवं गाइड शिविर का सोमवार को उत्साह और उमंग के साथ शुभारंभ हुआ। महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं सहपाठ्यक्रम समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बीएड एवं डीएलएड के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनमें सहयोग, सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम और सामूहिक कार्य करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। हिन्दुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स के राज्य प्रशिक्षण आयुक्त सुरेन्द्र कुमार आर्या के दिशा-निर्देशन में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को स्काउट एवं गाइड के मूल सिद्धांतों, नियमों, कर्तव्यों और जीवन में अनुशासन के महत्व से परिचित कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि स्काउट-गाइड गतिविधियां विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ कठिन परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक निर्णय लेने और दूसरों की सहायता करने के लिए प्रेरित करती हैं।

शिविर की खास गतिविधियों के तहत विद्यार्थियों को नौ टोलियों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक टोली को एक भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए वहां की संस्कृति, परंपराओं, पारंपरिक कला, वेशभूषा और विशिष्ट पहचान को प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों से आकर्षक तंबुओं के निर्माण की तैयारी की। इन तंबुओं के माध्यम से देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, योजना बनाने, जिम्मेदारी निभाने और एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित करने की क्षमता को मजबूत करना है। अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं को समझने से विद्यार्थियों को देश की विविधता और आपसी एकता का महत्व जानने का अवसर भी मिलेगा। शिविर के दूसरे दिन 27 अक्टूबर को प्रशिक्षण एवं समूह आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, समयबद्धता, निर्णय लेने की योग्यता, समस्या समाधान और टीम भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, जिनसे वे जिम्मेदारी के साथ काम करना और सामूहिक लक्ष्य हासिल करना सीख सकें। प्रशिक्षक सुरेन्द्र कुमार आर्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउट एवं गाइड का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, सेवा भाव, नेतृत्व और सहयोग जैसे गुणों को व्यवहार में उतारना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिविर की सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

तीन दिवसीय शिविर का समापन 28 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन विद्यार्थियों द्वारा शिविर के दौरान सीखे गए कौशल और अनुभवों को प्रस्तुत किया जाएगा। विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं को दर्शाने के लिए तैयार किए गए तंबुओं का निरीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा सिंह सहित शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। महाविद्यालय का मानना है कि इस तरह की सहपाठ्यक्रम गतिविधियां भावी शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें भविष्य में विद्यार्थियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करती हैं।