-आईसीएमआर को सेक्टर-9 में जमीन आवंटित, आधुनिक शोध सुविधाएं विकसित होंगी
-सरकारी संस्थानों को बसाने की तैयारी, पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए भी जमीन देने की योजना
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी सुविधा विकसित होने जा रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) सेक्टर-9 में अत्याधुनिक मेडिकल रिसर्च सेंटर स्थापित करेगी। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना अथॉरिटी) ने आईसीएमआर को 30 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। सेंटर के विकसित होने के बाद यमुना सिटी में मेडिकल रिसर्च और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यमुना अथॉरिटी सेक्टर-9 को सरकारी और महत्वपूर्ण संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी योजना के तहत आईसीएमआर को जमीन दी गई है। प्रस्तावित केंद्र में अत्याधुनिक तकनीक और शोध से संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े नए शोध और प्रयोग किए जाने की संभावना है। इससे गंभीर बीमारियों, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, डायग्नोस्टिक तकनीक और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा मिल सकता है।
आईसीएमआर देश में मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली संस्था है। यमुना सिटी में इसका आधुनिक केंद्र बनने से शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही, चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े अन्य संस्थानों के लिए भी यहां संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे सेक्टर-9 की पहचान एक महत्वपूर्ण संस्थागत क्षेत्र के तौर पर बनने की उम्मीद है।
यमुना अथॉरिटी की योजना सेक्टर-9 में अन्य सरकारी संस्थाओं को भी जमीन उपलब्ध कराने की है। इसी क्रम में पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए भी जमीन देने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा सरकारी क्षेत्र से जुड़ी अन्य संस्थाओं को भी यहां लाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे सेक्टर-9 में एक साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों का विकास हो सकता है।
यमुना अथॉरिटी के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि आईसीएमआर को सेक्टर-9 में 30 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। संस्था इस जमीन पर अपना आधुनिक रिसर्च सेंटर विकसित करेगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-9 में सरकारी संस्थाओं को जमीन उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे यमुना सिटी में संस्थागत विकास को गति मिलने के साथ चिकित्सा और सरकारी सेवाओं से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
















