नोएडा में ‘मिशन अनुशासन’ पर आबकारी का पहरा, शराब कारोबारियों की मनमानी पर नो एंट्री

  • दुकान खुलने से पहले से बंद होने के बाद तक निगरानी, लाइसेंस की आड़ में नियम तोडऩे वालों पर शिकंजा
  • सुबोध श्रीवास्तव की सख्ती का असर, निरीक्षकों की टीमें दिन-रात कर रहीं दुकानों का निरीक्षण
  • बिक्री, स्टॉक, अभिलेख और निर्धारित मूल्य की जांच के साथ ग्राहकों से सीधे लिया जा रहा फीडबैक

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। नोएडा में शराब कारोबार को नियमों की चौखट में रखने के लिए आबकारी विभाग ने अब निगरानी को केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रखा है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग ने शराब की दुकानों की निगरानी को एक तरह के ‘मिशन अनुशासन’ का रूप दे दिया है। दुकान खुलने से पहले से लेकर बंद होने के बाद तक अधिकारियों की नजर बनी रहती है। उद्देश्य साफ है कि लाइसेंस की आड़ में किसी भी तरह की मनमानी न हो और शराब की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित हो। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर आबकारी निरीक्षकों की टीमें लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं। आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, अभिनव शाही, नामवर सिंह, दीपेन्द्र सिंह और संजय चन्द्र की टीमें दुकानों की नियमित जांच के साथ अचानक निरीक्षण भी कर रही हैं। अधिकारियों की सक्रियता का असर यह है कि शराब विक्रेताओं और लाइसेंसी अनुज्ञापियों में नियमों को लेकर लगातार सतर्कता बनी हुई है।

आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था में केवल दुकान खुली है या बंद, इतना ही नहीं देखा जा रहा। निरीक्षण के दौरान यह भी जांचा जाता है कि शराब की बिक्री निर्धारित तरीके से हो रही है या नहीं। बिक्री-बिंदु मशीन के माध्यम से बिक्री की स्थिति, उपलब्ध स्टॉक और अभिलेखों का मिलान, स्टॉक पंजिका, दुकान संचालन का निर्धारित समय तथा अन्य विभागीय नियमों का पालन भी जांच के दायरे में रखा गया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से दुकानों की साफ-सफाई और ग्राहकों के साथ विक्रेताओं के व्यवहार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि केवल कागजों की जांच से वास्तविक स्थिति सामने नहीं आती। इसी वजह से निरीक्षण के दौरान ग्राहकों से सीधे बातचीत कर भी जानकारी ली जा रही है। उनसे पूछा जाता है कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि तो नहीं ली जा रही, किसी प्रकार की अवैध वसूली तो नहीं हो रही और दुकान पर बिक्री व्यवस्था को लेकर कोई परेशानी तो नहीं है। इस तरह ग्राहक भी विभाग की निगरानी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। मौके पर मिलने वाली जानकारी के आधार पर अधिकारी दुकान के वास्तविक संचालन की स्थिति को परख रहे हैं।

noida-excise-team-checking

औचक निरीक्षण से बढ़ी सतर्कता, रात में भी जारी रहता है पहरा
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली की खासियत यह है कि वह केवल अधीनस्थ अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी समय-समय पर दुकानों का औचक निरीक्षण करते हैं। अचानक होने वाले निरीक्षण से शराब विक्रेताओं में लगातार सतर्कता बनी रहती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। आबकारी निरीक्षकों की टीमें भी अपने-अपने क्षेत्रों में दिन के साथ-साथ रात में निगरानी कर रही हैं।

दुकान बंद होने के बाद भी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि शराब कारोबार से जुड़ी किसी भी संभावित अनियमितता को समय रहते पकड़ा जा सके। विभाग का जोर इस बात पर भी है कि लाइसेंसधारी अनुज्ञापी अपने लाइसेंस की शर्तों और आबकारी नियमों का पूरी तरह पालन करें। निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार या बिक्री व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नियम तोड़े तो कार्रवाई तय, टीम को भी अनुशासन में रहने का निर्देश
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव का स्पष्ट निर्देश है कि नियम सभी के लिए समान हैं। जिस तरह शराब कारोबारियों से नियमों का पालन कराया जा रहा है, उसी तरह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन की अपेक्षा की जा रही है। यही वजह है कि आबकारी निरीक्षकों की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दे रही हैं। आबकारी विभाग का कहना है कि नोएडा में शराब कारोबार को पूरी तरह निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराना प्राथमिकता है। लाइसेंस किसी को मनमानी करने का अधिकार नहीं देता। दुकानों की व्यवस्था, बिक्री प्रक्रिया, स्टॉक, अभिलेख और ग्राहकों के साथ व्यवहार की नियमित जांच इसी व्यवस्था का हिस्सा है।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। विभाग की इसी सख्त निगरानी व्यवस्था के चलते नोएडा में शराब कारोबारियों को साफ संदेश दिया जा रहा है कि लाइसेंस कारोबार की अनुमति है, मनमानी की नहीं।