गाजियाबाद में 20 करोड़ से बदलेगी शहर की प्यास और जलभराव की तस्वीर

  •  शहरवासियों को राहत देना प्राथमिकता, पानी-सीवर की समस्याएं होंगी दूर: सुनीता दयाल
  • एक ओवरहेड टैंक और चार सीडब्ल्यूआर बनेंगे, शुद्ध पेयजल आपूर्ति को मिलेगा विस्तार
  • नूरशांतिनगर में 40 साल पुरानी सीवरेज समस्या का होगा समाधान, 2200 मीटर नई आरसीसी लाइन बिछेगी
  • जलभराव वाले 11 स्थानों पर पाइप लाइन और चैंबर बनेंगे, बारिश में जल निकासी की समस्या से मिलेगी राहत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम करीब 20 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने जा रहा है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में प्रस्तावित इन कार्यों में एक ओवरहेड टैंक, चार सीडब्ल्यूआर, नूरशांतिनगर में नई सीवरेज लाइन तथा बारिश के दौरान जलभराव वाले 11 स्थानों पर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इन कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अगले एक माह बाद काम शुरू होने की संभावना है। महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य शहरवासियों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ सीवरेज तथा जल निकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में अभी पर्याप्त पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है, वहां नए जलाशय और सीडब्ल्यूआर बनने से आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

वहीं सीवरेज की समस्या वाले क्षेत्रों में नई लाइन डालकर गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। वसुंधरा जोन के वार्ड नंबर-89 वैशाली सेक्टर-5 में शिरीपरि जलाशय का निर्माण कराया जाएगा। इसकी लागत करीब 3.10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वार्ड नंबर-97 चंदर नगर रामप्रस्था में 300 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर बनाया जाएगा, जिस पर करीब 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मोहननगर जोन के पंचशील कॉलोनी, वार्ड नंबर-29 में 300 किलोलीटर क्षमता के सीडब्ल्यूआर के निर्माण पर करीब 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वार्ड नंबर-37 शालीमार गार्डन और विजय नगर जोन के वार्ड नंबर-7 सुदामापुरी ए-ब्लॉक में भी 300 किलोलीटर क्षमता के सीडब्ल्यूआर बनाए जाएंगे। प्रत्येक पर करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। महापौर ने कहा कि इन जलाशयों और सीडब्ल्यूआर के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी और लोगों को समय से पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नूरशांतिनगर में 40 साल पुरानी समस्या पर लगेगा विराम
शहर की मलिन बस्ती नूरशांतिनगर में सीवरेज निकासी की करीब चार दशक पुरानी समस्या का समाधान किया जाएगा। सिटी जोन के वार्ड नंबर-50 में विभिन्न गलियों में 300 मिलीमीटर व्यास की करीब 2200 मीटर लंबी नई आरसीसी सीवरेज लाइन डाली जाएगी। इस कार्य पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नूरशांतिनगर के लोग लंबे समय से सीवरेज निकासी की समस्या से परेशान हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां गंदे पानी की निकासी बड़ी चुनौती रही है। नई लाइन बिछने के बाद क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी और सीवरेज व्यवस्था व्यवस्थित हो सकेगी।

11 जलभराव वाले स्थानों पर बनेगी स्थायी निकासी व्यवस्था
नगर निगम सीमा के 11 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां बारिश के दौरान हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है। इन स्थानों पर करीब 6.86 करोड़ रुपये की लागत से एमएस पाइप लाइन बिछाने और चैंबर बनाने का काम किया जाएगा। इससे बारिश का पानी तेजी से बाहर निकालने की स्थायी व्यवस्था तैयार होगी। महापौर ने बताया कि अभी जलभराव वाले स्थानों पर नगर निगम को ट्रैक्टर और पंप लगाकर पानी निकालना पड़ता है। इसमें हर वर्ष काफी संसाधन और धन खर्च होता है। स्थायी पाइप लाइन और चैंबर बनने के बाद जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान हो सकेगा और बड़ी संख्या में शहरवासियों को राहत मिलेगी। महापौर ने कहा कि पेयजल, सीवरेज और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। प्रस्तावित कार्य पूरे होने के बाद शहर के कई इलाकों में लोगों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।