गाजियाबाद। शहर के 880 प्रतिष्ठानों ने नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है। इन प्रतिष्ठानों द्वारा 39 प्रकार के कार्य किए जाते हैं। ट्रेड लाइसेंस न लेने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ निगम ने अब कड़ा रूख अपनाया है। संबंधित प्रतिष्ठानों की सूची जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। उन्हें तहसील से रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) कराई जाएगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि नगर निगम द्वारा इन प्रतिष्ठानों एवं दुकानदारों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद इन प्रतिष्ठानों ने ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है। ट्रेड लाइसेंस नहीं लेने वाले प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करने के साथ इन पर बकाया धनराशि की पूरी सूची तैयारी कराई गई। जिलाधिकारी को यह सूची भेजकर इनकी आरसी जारी कराई जाएगी। ताकि इन्हें ट्रेड लाइसेंस शासनादेश के अनुसार जारी किए जा सकें। नगर निगम द्वारा शहर में हाउस,जल एवं सीवर का टैक्स लेने के अलावा संपत्ति कर विभाग चाय की दुकान, क्लीनिक, अस्पताल, सैलून, शराब की दुकान, कैंटीन,फाइव स्टार होटल समेत 39 तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस जारी करता है। इन प्रतिष्ठानों को निगम से इनका टे्रड लाइसेंस अनिवार्य है।
वहीं, इनका प्रत्येक साल नवीनीकरण कराना भी अनिवार्य है। नगर निगम ने बीते साल लाइसेंस शुल्क जमा कराने के लिए शहर के 10,726 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे। इनमें से 9846 प्रतिष्ठानों ने शुल्क जमा कराकर लाइसेंस ले लिया था।लेकिन 880 ने शुल्क जमा नहीं किया। नए वित्तीय वर्ष के साढ़े तीन माह बीत जाने के बावजूद इन्होंने लाइसेंस नहीं लिया। नगर निगम अब इनके खिलाफ आरसी जारी कराएगा। इन ट्रेड में लाइसेंस और शुल्क निर्धारित किया गया हैं। इनमें होटल-लॉजिग, बारातघर का शुल्क 1000 रुपए, तीन सितारा होटल-9 हजार रुपए,पांच सितारा होटल-12 हजार रुपए। नर्सिंग होम 20 बेड तक-2000 रुपए,नर्सिंग होम 20 बेड से अधिक-5 हजार रुपए। प्रसूति गृह 20 बेड तक-4000 रुपए,प्रसूति गृह 20 बेड से अधिक-5 हजार रुपए। प्राइवेट अस्पताल-5 हजार रुपए,पैथोलॉजी सेंटर-11 हजार रुपए,एक्सरे क्लीनिक- 2 हजार रुपए, डेंटल क्लीनिक-4 हजार रुपए,प्राइवेट क्लीनिक-3हजार रुपए,ऑटो 3 सीटर-500 रुपए,ऑटो 7 सीटर-720 रुपए,मिनी बस-1500 रुपए,बस-2500 रुपए। रिक्शा-150 से 175 रुपए,ठेला-100 रुपए, हाथ ठेला-75 रुपए, दूध उत्पाद की दुकान व फूड स्टॉल-500 रुपए,फाइनेंस कंपनी-6 हजार रुपए,इंश्योरेंस कंपनी-12 हजार रुपए,पशु वधशाला-25 रुपए प्रति पशु,हड्डी गोदाम-11 हजार रुपए,बार-6 हजार रुपए,आईस फैक्ट्री-100 रुपए,बिल्डर रजिस्टर्ड-5 हजार रुपए,देशी शराब दुकान – 6 हजार रुपए,विदेशी शराब दुकान-12 हजार रुपए,मीट-मांस की दुकान-300 से 600 रुपए और सैलून-250 रुपए का शुल्क निर्धारित हैं।
















