-स्टाफ के साथ मारपीट, आपातकालीन कक्ष में की तोडफ़ोड़
-मारपीट के विरोध में डॉक्टर एवं स्टाफ ने बंद रखी ओपीडी सेवा
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना से डॉक्टरों और कर्मियों में मंगलवार को आक्रोश पनप गया। इस मामले को लेकर डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मंगलवार की सुबह ओपीडी बंद कर हड़ताल कर दी। जिला एमएमजी अस्पताल में कर्मचारियों के साथ सोमवार देर रात करीब सवा 11 बजे सड़क हादसे के दौरान मंडोली नंद नगरी की झुग्गी झोपड़ी मेें रहने वाले अमन पुत्र कुलदीप घायल हो गया। आसपास के लोग नाजुक हालत में अमन को लेकर रात्रि करीब साढ़े 11 बजे एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अमन की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा 108 एंबुलेंस से दिल्ली रेफर की तैयारी कर रहे थे। लेकिन अमन ने दम तोड़ दिया। इनके साथ आए अन्य युवकों को बुलाकर मारपीट की गई। अस्पताल के स्टाफ के साथ अभद्रता एवं मारपीट की तथा आपात कालीन कक्ष के शीशे तोड़ दिए गए। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ संतोष एवं वार्ड वॉय देवव्रत घायल हो गए। इसके विरोध में मंगलवार को सुबह ओपीडी बंद कर सभी कर्मचारी और डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया।इससे साथ में आए युवक आक्रोशित हो गए। युवकों ने अन्य लोगों को अस्पताल में बुलाकर रात में मौजूद स्टाफ के साथ मारपीट की और जमकर तोडफ़ोड़ की। एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अनुराग भार्गव का कहना है कि इस मामले में सीओ प्रथम महिपाल सिंह को सूचना दी गई। मौके पर पुलिस भी पहुंची। उन्होंने बताया इसके पहले भी कई बार स्टाफ के साथ हाथापाई हो चुकी हैं।एसएसपी को पत्र लिखकर रात में पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है।अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट के विरोध में दो घंटे से अधिक ओपीडी को बंद रख गया। ओपीडी सहित अन्य सेवाएं बंद होने से अस्पताल पहुंचे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन के कारण पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल की ओपीडी बंद चल रही थी। पांच जून को ही खोला गया है, ऐसे में इलाज के लिए अस्पताल में मरीजों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को पहुंचे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।पुलिस के जवाब और घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने सुबह ओपीडी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर दिया। यहां तक कि जांच आदि का काम भी रोक दिया गया।हंगामा होते देख घंटाघर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने मामला शांत कराने का प्रयास किया। मगर स्वास्थ्य कर्मचारी कोतवाली में पहुंच गए। उन्होंने मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं,हडृ़ताल से मरीजों को दवाएं वितरित तक नहीं की गईं। यहां तक कि कर्मियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ना होने पर 12 बजे के बाद पूरी तरह से कामकाज ठप करने की चेतावनी दी। सभी स्वास्थ्य कर्मी एकत्र होकर सीएमएस डॉ.अनुराग भार्गव से मिलने पहुंचे।सीएमएस के समझाने और मौके पर सीओ फस्र्ट महिपाल सिंह के पहुंचने के बाद ही स्वास्थ्य कर्मी शांत हुए। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी शांत हुए। इस दौरान राजकीय नर्सेस संघ के अध्यक्ष हिना विक्टर, डिप्लोमा फार्मासिस्ट अध्यक्ष एसपी वर्मा,चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ अध्यक्ष तेज कर्ण,मोहन लाल,पुष्पा,गीता, विमल, अंशु, राजेंद्र सिंह दुलारी, सईद, राजेश, कुंवर सिंह आदि सभी विभागों के स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

















