-हत्या, लूट, महिला अपराधों में लिप्त आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई, गाजियाबाद पुलिस ने दिया सख्त संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 शातिर अपराधियों को छह महीने के लिए जिलाबदर कर दिया है। इन सभी के खिलाफ हत्या, लूट, बलवा, महिला अपराध, जबरन वसूली, पशु क्रूरता जैसे गंभीर अपराधों में केस दर्ज हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी की कोर्ट ने गुंडा अधिनियम के तहत आदेश जारी करते हुए सभी आरोपियों को जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है। कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कानून व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। इन अपराधियों की हरकतों से आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा था, जिसे खत्म करने के लिए यह ठोस कदम उठाया गया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी समाज के लिए खतरा बन चुके थे और इन पर निगरानी रखना जरूरी था।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि महिला अपराध, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा जैसे मामलों में लिप्त इन लोगों को पहले से ही चिन्हित किया गया था। जांच के बाद इनके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कोर्ट से जिला बदर के आदेश प्राप्त किए गए। इन अपराधियों को छह माह के लिए जिले में प्रवेश न करने की सख्त हिदायत दी गई है। यदि वे आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाबदर किए गए अभियुक्तों में मुरादनगर, लोनी, टीला मोड़, नंदग्राम, मोदीनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले युवक शामिल हैं। इनमें कुछ के खिलाफ हत्या व महिला अपराध जैसे संगीन मामलों में एफआईआर दर्ज हैं, तो कुछ पर पशु क्रूरता और बलवा जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
अधिकतर आरोपियों का नाम आपराधिक गतिविधियों में पहले भी सामने आ चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक गाजियाबाद कमिश्नरेट ने कुल 23 आरोपियों को जिलाबदर किया है, जबकि सात आरोपियों को थाने में नियमित हाजिरी देने का आदेश दिया गया है। इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों से आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और अपराधियों में डर का माहौल बनेगा। कमिश्नरेट का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और हर उस व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी जो कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करेगा।
इन अपराधों में लिप्त थे आरोपी
• महिला उत्पीडऩ और यौन अपराध
• हत्या व हत्या के प्रयास
• बलवा और सामूहिक झगड़े
• लूट और डकैती
• जबरन वसूली
• पशु वध और क्रूरता
14 आरोपियों को किया गया जिलाबदर:
• जुबैर – नूरगंज, मुरादनगर
• सोहेब – भूड़ गुड़ मंडी, मुरादनगर
• प्रिंस यादव – अकबरपुर बहरामपुर, क्रॉसिंग रिपब्लिक
• अकबर उर्फ गब्बर – कासिम विहार, ट्रोनिका सिटी
• जाकिर – गरिमा गार्डन, टीला मोड़
• नासिर – दौलतनगर, ट्रोनिका सिटी
• फुरकान उर्फ नन्हे – राजीव कॉलोनी, शालीमार गार्डन
• लोकेश गुर्जर उर्फ हिमांशु – लोनी-भोपुरा रोड
• मोहित गुर्जर उर्फ मुन्नान – भोपुरा, टीला मोड़
• विकास उर्फ लल्ला – 30 फुटा रोड, नंदग्राम
• साहिल – पसौंडा, टीला मोड़
• चेतन चौधरी – निजामपुर, मोदीनगर
• फैय्याज – अमन गार्डन, अशोक विहार, लोनी
• प्रिंस गुप्ता – आश्रम रोड, नंदग्राम
अब तक की कार्रवाई का आंकड़ा:
• जनवरी 2025 से अब तक 23 अपराधी जिलाबदर
• 7 आरोपियों को थाने पर नियमित हाजिरी देने का आदेश
• लगातार चल रही है अपराधियों की पहचान और निगरानी की प्रक्रिया

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अपराध एवं सुरक्षा
जनपद में कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा को प्रभावित करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है। ऐसे तत्व जो समाज में भय और अराजकता का माहौल बनाते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जिन 14 आरोपियों को जिलाबदर किया गया है, वे गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। गुंडा अधिनियम के तहत इन पर कार्रवाई कर उन्हें छह माह के लिए जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है। यदि आदेश का उल्लंघन किया गया तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे। कमिश्नरेट पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
आलोक प्रियदर्शी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर

















