कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में गूंजे भक्ति के स्वर, पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने की विश्व शांति की प्रार्थना

-कौशांबी, वैशाली और आसपास के मंदिरों में आयोजित महोत्सव में शामिल हुईं पार्षद
-भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन 

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने कौशांबी स्थित जयपुरिया मंदिर, कौशांबी सनातन धर्म मंदिर, पीएसी हनुमान मंदिर, नील पदम कुंज, बुध विहार शिवा कुंज, सेक्टर-2 वैशाली स्थित शिव मंदिर और सेक्टर-2 दुर्गा मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष के साथ जन्मोत्सव मनाया।

पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, सत्य, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला उत्सव भी है। उन्होंने मंदिरों में उपस्थित श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और सभी से मिल-जुलकर त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहा कि विश्व में इस समय जो अशांति और तनाव का वातावरण बना हुआ है, वह जल्द ही शांति में बदल जाए।

सभी लोग खुश, प्रसन्न और संपन्न रहें। समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और सौहार्द बढ़े तथा हर परिवार में सुख-समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है और समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है। इस अवसर पर मंदिर समितियों के पदाधिकारी, स्थानीय निवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिरों में प्रसाद वितरण भी किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और जन्माष्टमी महोत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया।