शिक्षक दिवस पर बच्चों के बीच पहुंचीं एसीपी उपासना पाण्डेय, दिया सफलता का गुरुमंत्र

  • सहज संवाद से जीता विद्यार्थियों का दिल, मेहनत और ईमानदारी को बताया सफलता की कुंजी
  • बच्चों के सवालों का सरलता से दिया जवाब, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के लिए किया प्रेरित
  • चॉकलेट बांटकर बढ़ाया उत्साह, उपासना पांडेय की संवेदनशील कार्यशैली की हुई सराहना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली उपासना पाण्डेय ने स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर न केवल उन्हें शुभकामनाएं दीं, बल्कि अपने सहज व्यवहार और प्रेरक संवाद से विद्यार्थियों का उत्साह भी बढ़ाया। पुलिस अधिकारी को अपने बीच पाकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। एसीपी ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनसे खुलकर बातचीत करते हुए जीवन में आगे बढऩे के लिए मेहनत, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति समर्पण को जरूरी बताया। उपासना पाण्डेय ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सही सोच से हासिल होती है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका आत्मविश्वास के साथ सामना करना चाहिए। असफलता को उन्होंने सीखने और आगे बढऩे का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहते हैं और नियमित मेहनत करते हैं, उन्हें सफलता अवश्य मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने शिक्षक दिवस मनाते हुए एसीपी का स्वागत किया और उनके साथ बातचीत कर अपनी खुशी व्यक्त की। विद्यार्थियों ने उनसे पढ़ाई, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और पुलिस सेवा से जुड़े कई सवाल पूछे। उपासना पाण्डेय ने प्रत्येक सवाल का सरल, सहज और रोचक ढंग से जवाब दिया। उनके संवाद का अंदाज बच्चों को काफी पसंद आया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए जिज्ञासा, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। एसीपी ने बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने तथा समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके भीतर सही मूल्यों का विकास परिवार, विद्यालय और समाज की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जरूरतमंदों की मदद करें और किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहें। उपासना पाण्डेय ने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि पुलिस अधिकारी की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और विशेषकर बच्चों के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बच्चों के बीच सहजता से घुल-मिलकर उन्होंने पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया। उनकी सरल भाषा, धैर्यपूर्वक बच्चों की बातें सुनने की शैली और हर सवाल का सकारात्मक जवाब देने की कार्यशैली की उपस्थित लोगों ने सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में एसीपी ने विद्यार्थियों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। विद्यार्थियों ने भी एसीपी उपासना पाण्डेय के साथ बिताए समय को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि एसीपी की बातें उन्हें पढ़ाई और जीवन में बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगी। शिक्षक दिवस पर आयोजित यह संवाद कार्यक्रम बच्चों के लिए प्रेरणादायक और उत्साह से भरपूर रहा।