उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्राधिकरण ने नई मुआवजा दर पर किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राथमिकता उन गांवों को दी जा रही है, जहां प्राधिकरण की कोई नई परियोजना प्रस्तावित है या जमीन की कमी के कारण पहले से चल रही परियोजनाओं का काम प्रभावित हो रहा है। इसके लिए संबंधित गांवों में जमीन की उपलब्धता का सर्वे कराया जा रहा है और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। प्राधिकरण का फोकस जरूरत के मुताबिक जमीन खरीदकर औद्योगिक और अन्य विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर है।
शासन के निर्देश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जमीन के मुआवजे की दर में बढ़ोतरी की है। अब किसानों को 4,125 रुपये के बजाय 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर की नई दर के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। बोर्ड से नई दर को मंजूरी मिलने के बाद सहमति के आधार पर जमीन खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी है। प्राधिकरण का मानना है कि मुआवजे की बढ़ी हुई दर से किसानों की सहमति मिलने में आसानी होगी और जरूरी जमीन की खरीद जल्द पूरी की जा सकेगी। इससे जमीन की कमी के कारण अटकी परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
जमीन खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्राधिकरण ने पहली बार एसीईओ की अध्यक्षता में जमीन अधिग्रहण सेल का गठन किया है। इसमें ओएसडी स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह सेल किसानों से समन्वय स्थापित करने, जमीन की जरूरत का आकलन करने और सहमति के आधार पर खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार ही जमीन खरीदी जाएगी, जिससे विकास परियोजनाओं के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने के साथ किसानों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
प्राधिकरण के ओएसडी गिरीश कुमार झा ने बताया कि कई गांवों में जमीन खरीद की प्रक्रिया पहले से चल रही है। अब जिन किसानों से जमीन खरीदी जाएगी, उन्हें नई मुआवजा दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा। अधिसूचित क्षेत्र के पौवारी, इमलियाका, अटाई मुरादपुर, लुक्सर, दादूपुर, लडपुरा, खानपुर, सिरसा, वैदपुरा, जान समाना, सुनपुरा, भोला रावल, धूममानिकपुर, खेड़ी, आमका, किराचपुर उर्फ कैलाशपुर, खोदना कलां, भनौता और खोदना खुर्द समेत कई गांवों में जमीन खरीद का काम पहले से चल रहा है। इन गांवों में अब तक किसानों की सहमति के आधार पर करीब 601.78 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है। नई दर लागू होने के बाद शेष जमीन की खरीद में भी तेजी आने की उम्मीद है।
प्राधिकरण के लिए जमीन की उपलब्धता बढ़ना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्रेटर नोएडा के कई औद्योगिक सेक्टरों में निवेशकों को भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जमीन की कमी से प्रभावित हो रही है। नई व्यवस्था के तहत इकोटेक-7, इकोटेक-8, इकोटेक-9, इकोटेक-12ए, इकोटेक-16, इकोटेक-19, इकोटेक-19ए और इकोटेक-21 जैसे औद्योगिक सेक्टरों में उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। जमीन उपलब्ध होने से इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने और नए निवेश को जमीन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पौवारी गोशाला के विस्तार के लिए भी जमीन की जरूरत है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि नई मुआवजा दर पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए भू-लेख विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई दर लागू होने के बाद जमीन खरीद में तेजी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का मुख्य फोकस उन गांवों पर है, जहां चालू या प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार जमीन उपलब्ध कराकर औद्योगिक और अन्य विकास परियोजनाओं को बिना रुकावट आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक ओर किसानों को बढ़ी हुई मुआवजा दर का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा में विकास और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

















