-एक हजार वर्गगज जमीन पर हनुमान जी की मूर्ति रखकर बाउंड्री की नींव खोदने का आरोप
-महापौर ने एक सप्ताह पहले रुकवाया था निर्माण, अब नगर निगम कराएगा जमीन की बाउंड्री
-मूर्ति के आसपास शराब पीने और आपत्तिजनक गतिविधियों की शिकायत, मंदिर में स्थापित कराने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में सरकारी और नगर निगम की जमीन पर कब्जे के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। संजय नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में भी करीब एक हजार वर्गगज नगर निगम की जमीन पर कब्जे के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जे की नीयत से भगवान हनुमान जी की मूर्ति रख दी और इसके आसपास बाउंड्री बनाने के लिए नींव खोदने का काम शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर महापौर सुनीता दयाल ने शुक्रवार को मौके पर खुद कार्रवाई कर निर्माण कार्य रुकवाया था। अब नगर निगम ने उक्त जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसकी बाउंड्री कराने की तैयारी शुरू कर दी है। महापौर ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उन्हें संजय नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर स्थित नगर निगम की जमीन पर नींव खोदे जाने की जानकारी मिली थी। उस समय वह शहर से बाहर थीं। उन्होंने तत्काल स्थानीय मंडल अध्यक्ष नीरज त्यागी, नामित पार्षद प्रदीप चौधरी, स्थानीय पार्षद अजय शर्मा और नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर भेजा। टीम के मौके पर पहुंचने की भनक लगते ही वहां काम कर रहे लोग मौके से चले गए।
इसके बाद महापौर ने अधिकारियों को जमीन पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। महापौर सुनीता दयाल ने शुक्रवार को निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां भगवान हनुमान जी की मूर्ति रखी मिली। इसके अलावा आसपास के हिस्से में कुछ लोगों द्वारा बाउंड्री किए जाने और जिम का गेट खोलकर जगह का विस्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम की जमीन पर तत्काल बाउंड्री बनाने का कार्य शुरू किया जाए। साथ ही अवैध कब्जे को हटाने और भगवान हनुमान जी की मूर्ति को उचित तरीके से मंदिर में स्थापित कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने महापौर को बताया कि जमीन के बराबर में मॉडल शॉप है और मूर्ति के आसपास लोग रोजाना शराब पीते हैं।
स्थानीय लोगों ने वहां आपत्तिजनक गतिविधियां होने की शिकायत भी की। इस पर महापौर ने कहा कि ऐसी जगह भगवान की मूर्ति रखना धार्मिक आस्था का सम्मान नहीं, बल्कि उसका अपमान है। यदि किसी को वास्तव में धार्मिक आस्था है तो मूर्ति को उचित और सम्मानजनक स्थान पर मंदिर में स्थापित किया जाना चाहिए। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि कुछ लोग मंदिर और भगवान की आड़ में सरकारी अथवा सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं। संजय नगर की जमीन के मामले में भी इसी तरह मूर्ति रखकर बाउंड्री का काम शुरू करने का प्रयास किया गया।
जानकारी मिलने पर इसे रुकवा दिया गया। उन्होंने कहा कि नगर निगम अब उक्त भूमि को अपने कब्जे में लेकर उसकी बाउंड्री कराएगा, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति वहां अवैध कब्जा न कर सके। यदि कोई व्यक्ति नगर निगम की कार्रवाई में बाधा डालता है या दोबारा कब्जे का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की जमीन का उपयोग जनहित में किया जाएगा।

















