बेटी की शादी की चिंता होगी दूर, शहर के सामुदायिक केंद्र होंगे चकाचक

  • नगर आयुक्त ने 28 सामुदायिक केंद्रों का किया निरीक्षण, मरम्मत से लेकर लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश
  • मुख्य प्रवेश द्वार होंगे आकर्षक, शौचालय और खुले स्थानों को भी संवारा जाएगा
  • करीब 10 करोड़ रुपये से होगा सामुदायिक केंद्रों का जीर्णोद्धार, दो जोन के लिए पांच करोड़ का डीपीआर शासन को भेजा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में बहन-बेटियों की शादी और अन्य पारिवारिक समारोह आयोजित करने वाले अभिभावकों की चिंता अब दूर होने वाली है। नगर निगम ने शहर के सामुदायिक केंद्रों को व्यवस्थित, सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत शुक्रवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों के साथ पांचों जोन में स्थित करीब 28 सामुदायिक केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सामुदायिक केंद्रों की मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यकतानुसार मरम्मत, प्रकाश, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने मेन श्याम पार्क स्थित सामुदायिक केंद्र, लाजपत नगर में रामलीला मैदान के पास स्थित सामुदायिक केंद्र, पुराना विजयनगर, संजय नगर ई-ब्लॉक, गुलधर, इस्लाम नगर, सूर्य नगर ए-ब्लॉक सहित कई सामुदायिक केंद्रों का निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी भवनों की स्थिति खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य कराया जाए। सामुदायिक केंद्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के साथ मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के अधिकांश परिवार शादी-विवाह और अन्य सामाजिक समारोहों के लिए नगर निगम के सामुदायिक केंद्रों का उपयोग करते हैं। ऐसे में इन केंद्रों का साफ-सुथरा, सुंदर और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बहन-बेटियों की शादी के दौरान आयोजन स्थल को लेकर काफी चिंता रहती है। निगम का प्रयास है कि उन्हें बेहतर सुविधाओं वाले सामुदायिक केंद्र उपलब्ध कराए जाएं, जिससे परिवारों को आयोजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

केयरटेकर की होगी व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सभी सामुदायिक भवनों में केयरटेकर की व्यवस्था करने के विशेष निर्देश दिए। उनका कहना था कि सामुदायिक केंद्रों की नियमित देखरेख के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की मौजूदगी जरूरी है। इसके अलावा शौचालयों की व्यवस्था को दुरुस्त करने, पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने और खुले स्थानों में आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉकिंग टाइल लगाने के निर्देश दिए गए। भवनों की रंगाई-पुताई के साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

जोनल प्रभारियों की ओर से पहले ही सामुदायिक केंद्रों का जोनवार निरीक्षण कर वहां कराए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार की जा चुकी है। इसके आधार पर कई स्थानों पर कार्य शुरू भी कर दिया गया है। जिन सामुदायिक केंद्रों की स्थिति अधिक जर्जर है, उन्हें नए स्वरूप में विकसित करने के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वार्ड संख्या 11, 65, 38, 49, 56 और 60 सहित अन्य क्षेत्रों के सामुदायिक केंद्रों पर विशेष रूप से कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दो जोन के लिए पांच करोड़ का डीपीआर
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक पांचों जोन में स्थित सामुदायिक केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जाएगा। केवल भवन की मरम्मत ही नहीं, बल्कि मुख्य प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था और आसपास के खुले स्थानों को भी आकर्षक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। वार्ड संख्या छह के सिटी जोन और वार्ड संख्या सात के विजयनगर जोन के सामुदायिक भवनों को नया स्वरूप देने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर इस अभियान में निर्माण विभाग, जलकल विभाग, प्रकाश विभाग और उद्यान विभाग की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।

नगर निगम की योजना शहर के सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की है। जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क कर सामुदायिक भवनों की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। नगर आयुक्त के निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, संबंधित जोनल प्रभारी और निगम की टीम मौजूद रही। नगर निगम की इस पहल से स्थानीय लोगों में भी खुशी है। निगम का मानना है कि सामुदायिक केंद्रों के सुंदर और व्यवस्थित होने से शहरवासियों को शादी-विवाह और अन्य समारोहों के आयोजन में बड़ी राहत मिलेगी। इससे पिता को बेटी की शादी और भाई को बहन के विवाह के दौरान आयोजन स्थल की चिंता कम होगी और हर वर्ग के लोग बेहतर सुविधाओं के साथ अपने पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।