फ्रीहोल्ड के नाम पर ठगी का खेल, बिचौलियों से सावधान रहे संपत्ति धारक

  • शासनादेश के तहत इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्तियों के फ्रीहोल्ड और पुनर्विकास की कार्रवाई फिलहाल स्थगित
  • कविनगर, राजनगर, नेहरू नगर समेत कई पुरानी योजनाएं दायरे में, दलालों के झांसे में न आने की अपील
  • फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर पैसे मांगने वालों की जीडीए हेल्पलाइन पर करें शिकायत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की परिसंपत्तियों को फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर सक्रिय बिचौलियों और ठगों से संपत्ति धारकों को सावधान किया है। जीडीए ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश के तहत इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की योजनाओं में आने वाली पट्टागत परिसंपत्तियों के फ्रीहोल्ड और पुनर्विकास से संबंधित कार्रवाई फिलहाल स्थगित है। नई नीति निर्धारित होने तक इन संपत्तियों के फ्रीहोल्ड अथवा पुनर्विकास की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का पूर्व नाम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट था। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की योजनाओं में शामिल संपत्तियों के संबंध में शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश में नई नीति निर्धारित होने तक फ्रीहोल्ड और पुनर्विकास से संबंधित व्यवस्थाओं एवं प्रावधानों को स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग संपत्ति धारकों और आवंटियों को फ्रीहोल्ड कराने का भरोसा देकर उनसे धनराशि मांग रहे हैं।

जीडीए के अनुसार जिन प्रमुख योजनाओं की परिसंपत्तियों पर यह व्यवस्था लागू है, उनमें पुरानी कॉलोनी कविनगर, राजनगर, नेहरू नगर, पटेल नगर आंशिक, लोहिया नगर, गांधी नगर, शास्त्री नगर आंशिक, नवयुग मार्केट, राजेंद्र नगर आंशिक, सूर्यनगर, चंद्रनगर और वृज विहार आंशिक समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों के संपत्ति धारकों और आवंटियों को फ्रीहोल्ड से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी बिचौलियों या अनाधिकृत व्यक्तियों से लेने के बजाय सीधे जीडीए के अधिकृत माध्यमों से प्राप्त करने की सलाह दी गई है। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की योजनाओं और उनसे संबंधित उपलब्ध जानकारी प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से अपलोड की जा चुकी है। शासनादेश में भी संबंधित जानकारी को विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में किसी संपत्ति धारक को फ्रीहोल्ड प्रक्रिया के नाम पर किसी दलाल, बिचौलिए या अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।

जीडीए के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ व्यक्ति इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्तियों को फ्रीहोल्ड कराने और फ्रीहोल्ड की रजिस्ट्री कराने के नाम पर लोगों से रकम मांग रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम का हवाला देकर भी काम कराने का दावा किए जाने की जानकारी सामने आई है। जीडीए सचिव ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के कारण जब फ्रीहोल्ड संबंधी कार्रवाई ही स्थगित है तो इस नाम पर किसी व्यक्ति द्वारा रकम लेकर काम कराने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत संपर्क, सिफारिश, बिचौलिए अथवा धनराशि के माध्यम से स्थगित फ्रीहोल्ड प्रक्रिया को शुरू नहीं करा सकता। संपत्ति धारकों को ऐसे दावों से सावधान रहने की जरूरत है। यदि कोई व्यक्ति जीडीए अधिकारी या कर्मचारी का नाम लेकर फ्रीहोल्ड कराने का दावा करता है या इसके लिए पैसे मांगता है तो उसकी बात पर भरोसा न करें।

जीडीए ने आमजन से अपील की है कि फ्रीहोल्ड के नाम पर किसी भी व्यक्ति को जीडीए के नाम से धनराशि न दें। यदि कोई व्यक्ति फ्रीहोल्ड कराने या रजिस्ट्री कराने का दावा करते हुए रकम मांगता है तो इसकी सूचना तत्काल जीडीए हेल्पलाइन नंबर 0120-4418384 पर दी जा सकती है। शिकायत मिलने पर प्रकरण की आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जीडीए अधिकारियों ने कहा कि नई नीति निर्धारित होने के बाद शासन के निर्देशों के अनुरूप फ्रीहोल्ड से संबंधित प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसकी अधिकृत जानकारी प्राधिकरण की वेबसाइट और अन्य आधिकारिक माध्यमों से आमजन को उपलब्ध कराई जाएगी। तब तक संपत्ति धारक किसी अफवाह, भ्रामक सूचना या अनाधिकृत व्यक्ति के दावे पर विश्वास न करें। जीडीए ने लोगों से अपील की है कि केवल प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत कार्यालय माध्यमों से प्राप्त सूचना को ही प्रमाणिक मानें और फ्रीहोल्ड के नाम पर होने वाली ठगी से स्वयं को सुरक्षित रखें।