युवाओं को वेपिंग के जाल से बचाने की मुहिम, माताओं ने खोला मोर्चा

  • उदय भूमि की प्रंबध संपादक डॉ. नीति तोमर ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह से की मुलाकात
  • विद्यालयों तक पहुंच रहे प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन उपकरणों के खिलाफ जागरूकता अभियान तेज
  • युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए समाज को एकजुट होना होगा: डॉ. नीति तोमर

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। युवाओं और खासकर स्कूली बच्चों में बढ़ती वेपिंग की प्रवृत्ति के खिलाफ माताओं ने अब व्यापक स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। मदर्स अगेंस्ट वेपिंग के बैनर तले चलाए जा रहे वेपिंग विरोधी अभियान का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन उपकरणों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और इनके अवैध प्रसार पर रोक लगाने के लिए सामाजिक स्तर पर दबाव बनाना है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को उदय भूमि की प्रबंध संपादक एवं मदर्स अगेंस्ट वेपिंग संस्था से जुड़ीं डॉ. नीति तोमर ने अन्य सहयोगियों के साथ नोएडा की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह से मुलाकात की। डॉ. नीति तोमर ने युवाओं को वेपिंग से दूर रखने के लिए पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए और सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन वितरण उपकरणों पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद इनकी उपलब्धता चिंता का विषय है। प्रतिबंधित होने के बावजूद ये उपकरण चोरी-छिपे बाजार के माध्यम से युवाओं और स्कूली बच्चों तक पहुंच रहे हैं।

ऐसे में केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अभिभावकों, विद्यालयों, पुलिस, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाना होगा। डॉ. नीति तोमर लंबे समय से युवाओं को वेपिंग के खतरे से बचाने के लिए अभियान चला रही हैं। उनका कहना है कि कम उम्र में निकोटिन का सेवन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। वेपिंग को आधुनिक और सामान्य आदत के रूप में पेश किए जाने के कारण बच्चे भी तेजी से इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। डॉ. नीति तोमर ने कहा हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। प्रतिबंधित वेपिंग उपकरण यदि विद्यालयों के आसपास और बच्चों की पहुंच में उपलब्ध हैं तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।

माताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों से संवाद करें, उन्हें वेपिंग के नुकसान समझाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और मीडिया का सहयोग मिल रहा है। अभियान का प्रयास है कि वेपिंग के खतरे को केवल युवाओं का विषय न मानकर सामाजिक चिंता का विषय बनाया जाए।
डॉ. नीति तोमर ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने और प्रतिबंधित पदार्थों की उपलब्धता पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना करते हुए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से ऐसे अभियानों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना पुलिस और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रखना हमारी प्राथमिकता है। वेपिंग को लेकर अभिभावकों और विद्यालयों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। पुलिस स्तर से जहां भी शिकायत या सूचना मिलती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उनके साथ मित्रवत संवाद भी रखें। बच्चों में यदि व्यवहार संबंधी कोई बदलाव दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न किया जाए।

मदर्स अगेंस्ट वेपिंग का अभियान दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं को वेपिंग के खतरे से जागरूक करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अभियान से जुड़ी माताओं का मानना है कि बच्चों को वेपिंग से बचाने के लिए परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ विद्यालयों और प्रशासन को भी मिलकर काम करना होगा। डॉ. नीति तोमर ने कहा कि यह लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। यदि अभिभावक जागरूक हों, विद्यालय सतर्क रहें और कानून लागू करने वाली एजेंसियां लगातार कार्रवाई करें तो वेपिंग के अवैध प्रसार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।