- नोएडा और यमुना सिटी में चार-चार, ग्रेटर नोएडा में दो हॉस्टल प्रस्तावित
- जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया तेज, मिलते ही शुरू होगा निर्माण
- मामूली शुल्क में मिलेगा ठहरने का विकल्प, नए श्रमिकों को मिलेगी बड़ी राहत
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। जनपद में श्रमिकों को सस्ते और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में प्रस्तावित 10 श्रमिक हॉस्टलों के निर्माण को लेकर श्रम विभाग ने जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से संबंधित अथॉरिटी के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है।
प्रस्तावित योजना के तहत नोएडा और यमुना सिटी में चार-चार तथा ग्रेटर नोएडा में दो श्रमिक हॉस्टल बनाए जाएंगे। इन हॉस्टलों के निर्माण से शहर में नौकरी की तलाश में आने वाले श्रमिकों को शुरुआती दिनों में रहने के लिए सस्ती जगह मिल सकेगी। योजना का उद्देश्य खासतौर पर उन श्रमिकों को राहत देना है, जिन्हें शहर में आने के बाद महंगे किराये के मकान तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नोएडा में श्रमिकों से जुड़े आंदोलन के बाद उनके रहने और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल उठे थे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार के लिए दूसरे जिलों और राज्यों से आते हैं। यहां मकानों और कमरों का किराया अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण नए श्रमिकों के सामने रहने की समस्या रहती है। इसी को देखते हुए श्रमिकों के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू किया गया।
जमीन मिलने के बाद शुरू होगा निर्माण
सरकार की ओर से भी संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के लिए किफायती आवास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद तीनों क्षेत्रों में कुल 10 हॉस्टल बनाने की योजना पर सहमति बनी। इनमें कुछ हॉस्टलों का निर्माण श्रम विभाग और कुछ का निर्माण संबंधित अथॉरिटी की ओर से कराया जाएगा। श्रम विभाग की ओर से हॉस्टल के लिए चिन्हित जमीन पर जल्द कब्जा लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डीएलसी राकेश द्विवेदी ने यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों से मुलाकात कर जमीन जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि जमीन पर कब्जा मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से भी जमीन पर कब्जा लेने को लेकर संपर्क किया जा रहा है।
मामूली शुल्क पर मिलेगा ठहरने का विकल्प
इन हॉस्टलों में श्रमिकों को रहने के लिए मामूली शुल्क देना होगा। हालांकि, शुल्क कितना होगा और किन शर्तों के तहत श्रमिकों को कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे, इसे लेकर श्रम विभाग की ओर से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। हॉस्टल में रहने की अधिकतम अवधि भी निर्धारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके। योजना के तहत ऐसे श्रमिकों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो पहली बार नौकरी के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना सिटी आते हैं।
शुरुआती दिनों में हॉस्टल में रहकर श्रमिक अपने काम के आसपास स्थायी आवास की तलाश कर सकेंगे। इससे उन्हें तुरंत महंगा कमरा लेने की मजबूरी नहीं होगी। श्रम विभाग की कोशिश है कि हॉस्टलों में रहने वाले श्रमिकों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। हॉस्टल तैयार होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। विभाग जल्द ही निर्माण और संचालन से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था को अंतिम रूप देने की तैयारी में जुटा है।

















