- के.जी. के विद्यार्थियों ने अभिनय, नृत्य और संगीत से सजाई मनमोहक प्रस्तुति
- हाजिरजवाबी और बुद्धि के सकारात्मक उपयोग का दिया संदेश, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
- प्रस्तुति से बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और टीम भावना को मिला बढ़ावा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर स्थित के.डी.बी. पब्लिक स्कूल में ‘टाइनी टॉट्स टैलेंट टाइम’ के अंतर्गत के.जी. कक्षा के नन्हे विद्यार्थियों ने ‘दिमाग का दंगल’ नामक मनोरंजक और आकर्षक नाटिका प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। नन्हे कलाकारों की भावपूर्ण अदाकारी, ऊर्जावान नृत्य, संवाद और संगीत के सुंदर संयोजन ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुति ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि अपनी बुद्धि का सही और सकारात्मक उपयोग करने का संदेश भी दिया। नाटिका को इस प्रकार तैयार किया गया था कि बच्चों को मंच पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ सोचने-समझने और परिस्थितियों के अनुसार अपनी बुद्धि का उपयोग करने का महत्व भी समझाया जा सके। विद्यार्थियों ने अपने-अपने किरदारों को पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ निभाया। उनके चेहरे के भाव, संवाद अदायगी और मंच पर गतिविधियों के बीच शानदार तालमेल ने पूरी प्रस्तुति को जीवंत बना दिया।
‘दिमाग का दंगल’ में हास्यपूर्ण संवादों, नृत्य, संगीत और नाटकीय भाव-भंगिमाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। नन्हे कलाकारों ने अपनी मासूमियत और आत्मविश्वास से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। बच्चों की प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा। हर किरदार को विद्यार्थियों ने जिस उत्साह के साथ प्रस्तुत किया, उसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। विद्यालय की ओर से बताया गया कि इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल मंचीय प्रतिभा को निखारना ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों का विकास करना भी है। नाटिका की तैयारी और प्रस्तुति के दौरान बच्चों को संवाद बोलने, भावों को व्यक्त करने, मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने और अन्य विद्यार्थियों के साथ तालमेल बनाकर कार्य करने का अवसर मिला।

इस प्रस्तुति ने बच्चों में संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता, रचनात्मक सोच, समन्वय और टीम भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ा। नन्हे विद्यार्थियों ने बिना किसी झिझक के अपने किरदारों को निभाया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके लिए यह गतिविधि सीखने के साथ-साथ आनंद लेने का भी अवसर बनी। नाटिका की प्रधानाचार्या, शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की। उन्होंने नन्हे कलाकारों के प्रयास और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
शिक्षकों ने कहा कि छोटी उम्र में बच्चों को इस तरह के मंच उपलब्ध कराने से उनमें छिपी प्रतिभा सामने आती है और वे अपनी क्षमताओं को पहचानने लगते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी नन्हे कलाकारों का जोरदार तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया गया। ‘दिमाग का दंगल’ ने बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की शानदार झलक पेश करते हुए सभी के मन में अपनी खास छाप छोड़ी।

















