अब हर गली में होगी ‘नारी प्रहरी’, 24 थानों में 591 महिलाओं ने संभाली सुरक्षा की कमान

-महिलाओं को अपनी बात रखने और समाधान से जुडऩे का मिला प्रभावी मंच: जे. रविन्द्र गौड़
-डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षिकाओं से लेकर गृहणियां और उद्यमी बनीं एमवीएफ का हिस्सा, स्थानीय समस्याओं पर करेंगी संवाद
-साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीडऩ और डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी महिलाओं को किया जाएगा जागरूक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को एक नई पहल की। नंदग्राम स्थित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में महिला वालंटियर फोर्स (एमवीएफ) सम्मेलन का आयोजन किया गया। कमिश्नरेट के तीनों जोन के 24 थाना क्षेत्रों से चिन्हित 591 महिला वालंटियर इस पहल का हिस्सा बनी हैं। सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव सीधे पुलिस तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता और संवाद का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। सम्मेलन का शुभारंभ पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं को अपनी बात रखने और समाधान से जुडऩे का मंच मिला है। महिला वालंटियर फोर्स में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होने से महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस और समाज के बीच संवाद और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय समुदाय के स्तर पर जागरूकता और सहयोग के माध्यम से सुरक्षा का वातावरण पहले से मजबूत करना है।

कमिश्नरेट गाजियाबाद के तीनों जोन के 24 थाना क्षेत्रों से कुल 591 महिला वालंटियर फोर्स के लिए चिन्हित की गई हैं। इनमें नगर कोतवाली से 27, विजयनगर से 42, कविनगर से 20, सिहानी गेट से 26, नंदग्राम से 25, मधुबन बापूधाम से 25, वेव सिटी से 26, क्रॉसिंग रिपब्लिक से 26, इंदिरापुरम से 25, खोड़ा से 14, साहिबाबाद से 21, लिंक रोड से 26, टीला मोड़ से 39, कौशांबी से 21, शालीमार गार्डन से 25, लोनी से 25, ट्रोनिका सिटी से 20, लोनी बॉर्डर से 20, अंकुर विहार से 25, मोदीनगर से 22, भोजपुर से 25, निवाड़ी से 16, मुरादनगर से 25 और मसूरी से 25 महिला वालंटियर शामिल हैं। सम्मेलन में एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राज करन नैय्यर, पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी सहित सभी सहायक पुलिस आयुक्त मौजूद रहे।

अधिकारियों ने महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस और समाज के बीच सहभागिता बढ़ाने तथा महिला वालंटियर फोर्स को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं को केवल घटना के बाद पुलिस तक पहुंचाने के बजाय जागरूकता, संवाद और सामुदायिक सहयोग के जरिए सुरक्षा का माहौल पहले से मजबूत करना जरूरी है। महिला वालंटियर फोर्स इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से महिला सुरक्षा के साथ समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता को भी मजबूत किया जाएगा।

हर क्षेत्र की महिलाओं को जोड़कर तैयार हुआ सुरक्षा नेटवर्क
महिला वालंटियर फोर्स में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय और जागरूक महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षिकाएं, समाजसेवी, परामर्शदाता, उद्यमी, गृहणियां और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र में महिलाओं से संवाद स्थापित करेंगी और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली सुरक्षा संबंधी समस्याओं एवं जरूरतों को पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करेंगी। पुलिस के मुताबिक एमवीएफ का उद्देश्य महिलाओं को उनकी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ पुलिस एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं से जोडऩा भी है।

विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों में महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी वालंटियर सहयोग करेंगी। इससे महिलाओं और पुलिस के बीच नियमित संवाद और समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ‘बात उसकी, बदलाव सबका’ की भावना के साथ महिला सुरक्षा के लिए पुलिस और समाज के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सुरक्षित महिला और सशक्त समाज की संकल्पना को आगे बढ़ाया जा सकता है। एमवीएफ नेटवर्क का भविष्य में भी लगातार विस्तार किया जाएगा।

साइबर अपराधों से बचाव पर भी रहेगा विशेष जोर
वर्तमान डिजिटल दौर में महिला सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू साइबर सुरक्षा भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए महिला वालंटियर फोर्स के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। महिलाओं को साइबर ठगी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन उत्पीडऩ, निजी जानकारी के दुरुपयोग और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे। इसके साथ सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य है कि आवश्यकता पडऩे पर महिलाओं को संबंधित पुलिस इकाई, परामर्श केंद्र और अन्य सहायता तंत्र से जोडऩे में एमवीएफ सहयोग करे।

स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की पहचान कर उन्हें समय से पुलिस के संज्ञान में लाने की व्यवस्था भी इस नेटवर्क के माध्यम से मजबूत की जाएगी। सम्मेलन में पुलिस अधिकारियों ने महिला वालंटियर फोर्स की भूमिका और जिम्मेदारियों के संबंध में भी जानकारी दी। पुलिस और महिला वालंटियर के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि क्षेत्र की महिलाओं की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके।