पीओएस से ही बिकेगी मदिरा, गड़बड़ी मिली तो निरीक्षक और लाइसेंसी दोनों नपेंगे:  डॉ. आदर्श सिंह 

  • आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों और अनुज्ञापन धारकों को दी दो टूक चेतावनी
  • फुटकर दुकान से बार और प्रीमियम वेंड तक हर बिक्री पीओएस से कराने के निर्देश
  • स्टॉक, ब्रांड उपलब्धता और एमजीक्यू-एमजीआर की निकासी पर भी रहेगी कड़ी नजर

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। मदिरा की बिक्री में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को लेकर आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश डॉ. आदर्श सिंह ने बुधवार को शक्ति सदन के मीटिंग हाल में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों और अनुज्ञापन धारकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मदिरा बिक्री में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि फुटकर मदिरा दुकानों से लेकर थोक अनुज्ञापन, बीआईओ, बॉन्ड, बार और प्रीमियम वेंड तक मदिरा की बिक्री पीओएस प्रणाली के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाए। कहीं भी नियमों की अनदेखी मिली तो संबंधित आबकारी निरीक्षक के साथ अनुज्ञापन धारक के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जनपद के आबकारी राजस्व, दुकानों की निगरानी, मदिरा बिक्री में पारदर्शिता और विभागीय नियमों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई।

आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजों में व्यवस्था लागू होने से काम नहीं चलेगा, बल्कि दुकानों पर इसकी प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और पीओएस के माध्यम से होने वाली बिक्री की स्थिति की लगातार जांच करने के निर्देश दिए। उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार नीरज वर्मा ने कहा कि आबकारी आयुक्त के निर्देशों के अनुरूप जनपद में दुकानों की निगरानी और बिक्री व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। पीओएस से बिक्री, स्टॉक की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुपालन की नियमित जांच होगी।

निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लेते हुए नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद में आबकारी आयुक्त के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। सभी दुकानों की नियमित निगरानी के साथ पीओएस बिक्री, स्टॉक और एमजीक्यू-एमजीआर की निकासी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दुकानों का स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

हर बोतल की बिक्री पीओएस से कराने के निर्देश
डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि जनपद की सभी फुटकर मदिरा दुकानों पर शत-प्रतिशत बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से होनी चाहिए। थोक अनुज्ञापनों, बीआईओ, बॉन्ड, बार अनुज्ञापनों और प्रीमियम वेंड्स पर आने वाली पूरी मदिरा को नियमानुसार स्टॉक-इन करने के बाद पीओएस के माध्यम से बिक्री कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुकानों के निरीक्षण के दौरान स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों का मिलान किया जाए। किसी स्तर पर अंतर या अनियमितता सामने आने पर उसे नजरअंदाज न किया जाए।

आबकारी आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि पीओएस व्यवस्था का उद्देश्य केवल बिक्री का आंकड़ा दर्ज करना नहीं, बल्कि पूरी बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। बैठक में दुकानों पर ब्रांड उपलब्धता और उनके प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। आबकारी आयुक्त ने कहा कि ग्राहक को अपनी पसंद का ब्रांड चुनने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक ब्रांड का व्यवस्थित प्रदर्शन कराया जाए। मॉडल शॉप के साथ सभी कंपोजिट दुकानों पर बीआईओ ब्रांड के अलावा इंडियन मेड प्रीमियम ब्रांड की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

एमजीक्यू-एमजीआर की निकासी पर भी रखें निगरानी
आबकारी आयुक्त ने दुकानों पर निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा की समयबद्ध निकासी पर विशेष जोर दिया। कंपोजिट दुकानों में अंग्रेजी मदिरा के एमजीआर और बीयर के त्रैमासिक एमजीआर की निर्धारित समय सीमा में निकासी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व से जुड़े लक्ष्यों की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी राजस्व लक्ष्य में कमी दिखाई दे, वहां कारणों की समीक्षा कर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

विभाग का उद्देश्य राजस्व संग्रह के साथ ऐसी बिक्री व्यवस्था कायम करना है, जिसमें नियमों का पूरी तरह पालन हो और उपभोक्ताओं को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मदिरा उपलब्ध हो। बैठक में उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार नीरज वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव सहित आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, अभिनव शाही, नामवर सिंह, दीपेद्र सिंह, संजय चंद्रा और हेमलता रंगनानी मौजूद रहीं।

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह की दो टूक:
 ‘मदिरा बिक्री में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं, पीओएस से हटकर बिक्री मिली तो जिम्मेदारी तय होगी ‘
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल राजस्व संग्रह करना नहीं, बल्कि मदिरा की बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाना भी है। सभी फुटकर दुकानों पर पीओएस के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित होनी चाहिए। थोक अनुज्ञापन, बीआईओ, बॉन्ड, बार और प्रीमियम वेंड पर आने वाली मदिरा को भी नियमानुसार स्टॉक-इन कर पीओएस से बिक्री कराई जाए। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी मिली तो संबंधित आबकारी निरीक्षक और अनुज्ञापन धारक की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ग्राहक को ब्रांड चुनने में परेशानी न हो, इसलिए दुकानों पर सभी प्रमुख ब्रांडों का व्यवस्थित प्रदर्शन और पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।