- 500 एकड़ में बनेगा वित्तीय तकनीक का नया ठिकाना, 28 सितंबर को बोर्ड बैठक में खुलेगा विकास का रास्ता
- गुजरात से ग्रेटर नोएडा तक गिफ्ट सिटी मॉडल की दस्तक, भूमिगत यूटिलिटी से लेकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगा खास
- बैंकिंग, बीमा, निवेश और स्टार्टअप का बनेगा हब, तीन कंपनियों ने अथॉरिटी के सामने रखे अपने मॉडल
- यमुना के विकास को मिलेगा ‘फाइनेंस का पंख’, गिफ्ट सिटी से लिया जाएगा आधुनिक शहर का खाका
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर फिनटेक सिटी विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित फिनटेक सिटी करीब 500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी। इसके लिए यीडा के अधिकारियों ने गुजरात स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) का दौरा कर वहां के विकास मॉडल, सुविधाओं और कामकाज की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया है। अब इस अध्ययन की रिपोर्ट आगामी 28 सितंबर को होने वाली यीडा बोर्ड बैठक में रखी जाएगी। बोर्ड के निर्णय के बाद फिनटेक सिटी को विकसित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने गुजरात जाकर गिफ्ट सिटी का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने वहां के अधिकारियों से मुलाकात कर वित्तीय और तकनीकी संस्थानों के लिए विकसित किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक, गिफ्ट सिटी में वित्तीय सेवाओं, आईटी, फिनटेक, बैंकिंग, बीमा और कैपिटल मार्केट से जुड़ी गतिविधियों के लिए एकीकृत इकोसिस्टम तैयार किया गया है। इसी मॉडल को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिनटेक सिटी के विकास में उपयोग किए जाने की योजना है। प्रस्तावित फिनटेक सिटी में वित्तीय तकनीक से जुड़ी कंपनियों और स्टार्टअप के साथ-साथ बैंकिंग, बीमा, निवेश और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े संस्थानों को जगह उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
इसका उद्देश्य एक ऐसा कारोबारी माहौल तैयार करना है, जहां वित्तीय और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को एक ही स्थान पर आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। गिफ्ट सिटी के अध्ययन के दौरान यीडा अधिकारियों ने वहां की कई व्यवस्थाओं को भी देखा। इनमें कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था, भवनों के निर्माण की निगरानी और यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख हैं। गिफ्ट सिटी में बिजली, पानी और गैस समेत विभिन्न सुविधाओं की लाइनों को भूमिगत यूटिलिटी टनल के जरिए व्यवस्थित किया गया है। इन टनलों के ऊपर सड़क का निर्माण किया गया है, जिससे शहर में जगह-जगह खुले तार और पाइपलाइन नजर नहीं आती हैं। यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित फिनटेक सिटी में भी ऐसी आधुनिक व्यवस्थाओं को अपनाने पर विचार किया जा रहा है।
करीब 886 एकड़ में विकसित गिफ्ट सिटी में इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर का भी संचालन होता है। यहां अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। IFSC क्षेत्र में लागू होने वाली कर संबंधी राहत और अन्य नीतिगत फैसले केंद्र सरकार के स्तर से तय किए जाते हैं। यीडा की प्रस्तावित फिनटेक सिटी में भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों के लिए इसी तरह का केंद्र विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यीडा पहले ही फिनटेक सिटी के विकास को लेकर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर चुका है। इसके जवाब में तीन कंपनियों ने अपने-अपने मॉडल और प्रस्ताव अथॉरिटी के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। इन प्रस्तावों का भी आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके बाद बोर्ड के निर्णय के आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी।
यीडा अधिकारियों का कहना है कि फिनटेक सिटी को विकसित करने से पहले विभिन्न मॉडल और प्रस्तावों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि गिफ्ट सिटी के विकास मॉडल का अध्ययन करने के बाद तैयार की गई रिपोर्ट बोर्ड के समक्ष रखी जाएगी। बोर्ड के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रस्तावित फिनटेक सिटी को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में वित्तीय तकनीक, बैंकिंग, निवेश, बीमा और स्टार्टअप गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। आने वाले समय में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की वित्तीय एवं तकनीकी कंपनियों के लिए सुविधाएं विकसित किए जाने की उम्मीद है।

















