किसान अडिग, धरनास्थल पर वेबिनार का आयोजन

जूम एप के जरिए किसान नेताओं से संवाद

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन वीरवार को 29वें दिन भी जारी रहा। इस बीच किसानों ने वेबिनार का आयोजन किया। इसके जरिए किसान नेताओं से सवाल पूछे गए। जूम एप के लिंक के जरिए किसानों ने इन नेताओं से संवाद किया। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संशोधन के प्रस्ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया था। सरकार के साथ बातचीत के लिए किसानों की ओर से कोई तिथि तय नहीं की गई है। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर किसान अडिग हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि सरकार को इधर-उधर की बात कर समय बर्बाद करने की बजाए सीधे मुद्दे पर आना चाहिए। कृषि कानूनों की वापसी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर वीरवार को हाड़ कंपाती ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में किसान डटे रहे। किसानों ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर रखा है। ऐसे में गतिरोध कायम है। उधर, कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 2 करोड़ नागरिकों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है। ऐसे में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने मार्च निकाला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके बाद उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ केंद्र सरकार पर हमला बोला। राहुल ने कहा कि राष्ट्रपति को अवगत कराया गया कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान होने वाला है। देश को दिख रहा है कि किसान कानूनों के खिलाफ खड़ा है। सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुलाकर इन कानूनों को तत्काल वापस ले। आज किसान दुख और दर्द में हैं। कुछ किसानों की मौत भी हो चुकी है। दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलने से पहले कांग्रेस की तरफ से पैदल मार्च भी निकाला गया। मार्च को पुलिस ने बीच में रोक दिया था। विरोध करने पर प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।