वर्दी का रौब नहीं, भरोसे की ताकत बनीं एसीपी उपासना पाण्डेय; बस्ती की बेटियों तक पहुंची मिशन शक्ति

  • थाने की चौखट से झुग्गी-बस्ती तक पहुंचा सुरक्षा का संकल्प, महिला चौपाल में दिखा जमीनी अंदाज
  • महानवमी पर नारी शक्ति को सलाम, महिलाओं के मन से झिझक मिटाने और भरोसा जगाने की पहल
  • मॉडल मिशन शक्ति केंद्र से बस्ती तक बनी संवाद की राह, सुरक्षा के साथ सम्मान का संदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वर्दी का काम केवल कानून-व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि उन लोगों तक सुरक्षा का भरोसा पहुंचाना भी है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। विजय नगर की चांदमारी झुग्गी-बस्ती में महानवमी के अवसर पर मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम इसी सोच की तस्वीर पेश करता है। यहां महिला सुरक्षा का संदेश किसी औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसे उन महिलाओं और बेटियों तक पहुंचाने की पहल की गई, जिनकी आवाज अक्सर रोजमर्रा की चुनौतियों के बीच दबकर रह जाती है। इस पहल में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर जोन उपासना पाण्डेय की कार्यशैली को महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, संवाद और जमीनी पहुंच के नजरिये से रेखांकित किया जा रहा है। थाना विजयनगर स्थित मिशन शक्ति केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित कर महिला चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना महिला सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली का मूल पक्ष इस अभियान के जरिए महिलाओं तक सीधे पहुंचने और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था से जोडऩे की सोच के रूप में सामने आता है। चांदमारी की झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाली महिलाओं और बेटियों को जागरूक करने का उद्देश्य यही है कि सुरक्षा की जानकारी केवल जागरूकता अभियानों के पोस्टर और नारों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पडऩे पर उनके काम भी आए। महिला सुरक्षा की वास्तविक परीक्षा उन इलाकों में होती है, जहां महिलाओं को अपनी परेशानी साझा करने या मदद मांगने में झिझक महसूस हो सकती है। ऐसे में पुलिस का उनके बीच पहुंचना संवाद की दूरी कम करने का माध्यम बनता है।

महिला चौपाल इसी संवाद को मजबूत करने की कोशिश है, जहां महिलाओं को यह भरोसा मिल सके कि उनकी समस्याओं को सुना जा सकता है और जरूरत पडऩे पर सहायता के लिए आगे आया जा सकता है। मिशन शक्ति अभियान की सार्थकता तभी है, जब महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी सरल भाषा में मिले। उपासना पाण्डेय की कार्यशैली को इसी संदर्भ में देखते हुए महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच बनाने की अहमियत सामने आती है।

झुग्गी-बस्ती में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के बीच जागरूकता का प्रयास उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर सजग बनाने की दिशा में कदम है। ऐसे अभियानों में पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। जब महिलाएं अपनी परेशानी बताने में सहज महसूस करती हैं, तभी सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य बेहतर ढंग से पूरा हो सकता है। इसलिए महिला चौपाल केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुलिस और महिलाओं के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने का माध्यम भी है।

मॉडल मिशन शक्ति केंद्र से जमीनी पहल
थाना विजयनगर के मिशन शक्ति केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित करने की पहल महिला सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम है। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने, उनकी समस्याओं को समझने और सहायता के उपलब्ध विकल्पों से परिचित कराने का प्रयास किया जा सकता है। उपासना पाण्डेय की भूमिका को इस पहल के संदर्भ में महिला सुरक्षा को व्यवहारिक स्तर पर मजबूत करने वाली कार्यशैली के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। महानवमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने नारी शक्ति के सम्मान को सामाजिक जिम्मेदारी से जोडऩे का संदेश दिया। नवरात्रि में शक्ति की आराधना के साथ महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि बस्ती में पहुंचकर जागरूकता फैलाने जैसे प्रयास महिला सशक्तीकरण के व्यापक उद्देश्य से जुड़ते हैं।

महिला सुरक्षा का संदेश, भरोसे की नई राह
मिशन शक्ति 6.0 का यह अभियान बताता है कि महिला सुरक्षा के लिए केवल व्यवस्था बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उस व्यवस्था को जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाना भी जरूरी है। एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली को केंद्र में रखकर देखें तो इस पहल का प्रमुख संदेश यही है कि पुलिस की सक्रियता का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब वह आम महिलाओं की जिंदगी से जुड़ती है। चांदमारी की झुग्गी-बस्ती में आयोजित महिला चौपाल इसी दिशा में एक प्रयास रही। महिलाओं और बेटियों को जागरूक करना, उनके भीतर सुरक्षा का भरोसा जगाना और पुलिस से संवाद की राह खोलना इस पहल के महत्वपूर्ण पहलू हैं। महानवमी पर दिया गया यह संदेश साफ है-नारी शक्ति का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब हर महिला और हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करे तथा जरूरत के समय मदद मांगने का साहस और भरोसा रखे।

उपासना पाण्डेय
एसीपी नंदग्राम

महिला सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है और हमारा प्रयास है कि प्रत्येक महिला और बेटी बिना किसी डर या झिझक के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सके। मिशन शक्ति 6.0 के तहत हमारा उद्देश्य केवल महिलाओं को जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी उपायों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित करना भी है। चांदमारी झुग्गी-बस्ती में महिला चौपाल आयोजित करने का उद्देश्य उन महिलाओं और बेटियों तक पहुंचना है, जिन्हें जागरूकता और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है। महिलाओं से अपील है कि वे किसी भी तरह की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
-उपासना पाण्डेय
सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर जोन