आग से बचाव का हुनर बना रोजगार की राह, अग्नि सचेतकों को मिले प्रमाण पत्र

  • सात दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित, आत्मनिर्भरता के साथ समाज की सुरक्षा में निभाएंगे भूमिका
  • महिलाओं और इच्छुक लोगों को अग्नि सुरक्षा के गुर सिखाकर किया गया जागरूक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आग से होने वाले हादसों पर प्रभावी रोक लगाने और लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से अग्निशमन विभाग की ओर से सात दिवसीय फायर सेफ्टी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सोमवार को फायर स्टेशन कोतवाली में प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इच्छुक व्यक्तियों और महिलाओं को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सौरभ कुमार सिंह के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित अग्नि सचेतकों को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। सीएफओ सौरभ कुमार सिंह ने कहा कि अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण केवल हादसों से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशिक्षित अग्नि सचेतक अपने ज्ञान का उपयोग कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों में आग से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने में कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने की स्थिति में शुरुआती सावधानी और सही जानकारी से बड़े नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा के जरूरी नियमों, आग से बचाव के उपायों और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रमाण पत्र मिलने से प्रतिभागियों को अपने प्रशिक्षण का प्रमाण प्रस्तुत करने और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाशने में सहायता मिलेगी। सीएफओ ने कहा कि अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों तक अग्नि सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचे, ताकि आग की घटनाओं के दौरान घबराहट के बजाय लोग सावधानी और समझदारी से काम लें। कार्यक्रम सीएफओ कोतवाली शेषनाथ यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। विभाग की इस पहल से प्रशिक्षित महिला और पुरुष प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहन मिला है। साथ ही उनसे अपेक्षा की गई कि वे अपने प्रशिक्षण का लाभ समाज तक पहुंचाकर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करेंगे।