स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे का कारोबार मिला तो होगी कठोर कार्रवाई: उमेश प्रताप सिंह

  • बिजनौर में एनकॉर्ड की बैठक में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश
  • मुखबिर तंत्र मजबूत कर नशे के कारोबारियों पर कसें शिकंजा, शैक्षणिक संस्थानों में भी चलाएं जागरूकता अभियान
  • आबकारी विभाग की कार्रवाई को बताया अहम, नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन और युवाओं को नशे से बचाने पर दिया जोर

उदय भूमि संवाददाता
बिजनौर। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर जांच अभियान चलाया जाएगा। अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को महात्मा विदुर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एनकॉर्ड की बैठक में ये निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। नशे का अवैध कारोबार न केवल युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि समाज और परिवारों के लिए भी गंभीर समस्या पैदा करता है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जिले में कहीं भी प्रतिबंधित मादक पदार्थों की अवैध बिक्री नहीं होने दें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए। संयुक्त टीमें बनाकर नियमित जांच कराई जाए और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले स्थानों को चिह्नित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छापेमारी तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाने और प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है। बैठक में आबकारी विभाग की भूमिका और जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की जा रही कार्रवाई को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि अवैध मादक पदार्थों और नशीले उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखी जाए। पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो युवाओं को नशे की ओर धकेलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई में निरंतरता बनी रहे और किसी भी सूचना को हल्के में न लिया जाए। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाए। स्कूलों में शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे बच्चे नशे से दूर रहने के प्रति जागरूक हों।

उन्होंने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई से इस समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है, इसके लिए समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी जरूरी है। जिलाधिकारी ने जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित कराया जाए और जरूरतमंद लोगों को उचित सहायता उपलब्ध हो। नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और मार्गदर्शन मिलना चाहिए, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

बैठक में पुलिस अधीक्षक कृष्ण गोपाल सिंह, एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित, जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, संदीप त्रिपाठी, कुश्माकर धर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाते हुए समन्वित प्रयास करें। उन्होंने दोहराया कि जिले में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की अवैध बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।