दिवाली से पहले शराब के शौकीनों की बल्ले-बल्ले, UP में सस्ती हुई विदेशी व्हिस्की

  • सस्ती हुई विदेशी व्हिस्की, दुकानों पर पहुंचने लगे नए दाम वाले ब्रांड; दिवाली पर 550 करोड़ की बिक्री का अनुमान
  • कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद कई विदेशी ब्रांड की कीमतों में 15 से 25 फीसदी तक कमी, शराब के शौकीनों को मिलेगा फायदा
  • धनतेरस से मुख्य दिवाली तक प्रदेश में बढ़ेगी बिक्री, पिछले साल तीन दिन में बिकी थी 510 करोड़ रुपये की शराब
  • लखनऊ में 35 करोड़ और गौतमबुद्ध नगर में 30 करोड़ रुपये का हुआ था कारोबार, आबकारी विभाग ने आपूर्ति और निगरानी बढ़ाई

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। दीपावली से पहले शराब के शौकीनों के लिए राहत की खबर है। विदेशी ब्रांड की कई व्हिस्की के दाम घट गए हैं और कम कीमत वाले ब्रांड दुकानों पर उपलब्ध होने लगे हैं। ब्रिटेन से आयात होने वाली व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद कई लोकप्रिय ब्रांड की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। जॉनी वॉकर रेड और ब्लैक लेबल से लेकर जेऐंडबी तक के दाम कम होने से ग्राहकों को पहले के मुकाबले सस्ती शराब मिल सकेगी। दूसरी ओर, दीपावली के त्योहार पर शराब की बिक्री भी जोर पकडऩे लगी है। आबकारी विभाग का अनुमान है कि धनतेरस से मुख्य दीपावली तक तीन दिनों में प्रदेश में करीब 550 करोड़ रुपये की शराब बिक सकती है।
पिछले साल इसी अवधि में प्रदेश में करीब 510 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी। इस बार दीपावली रविवार को पडऩे और विदेशी ब्रांड की कीमतों में कमी आने से कारोबार बढऩे की उम्मीद है। आबकारी विभाग ने संभावित मांग को देखते हुए जिलों में आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी की है।

लखनऊ में जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में मांग के अनुसार शराब की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। वहीं गौतमबुद्ध नगर में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में भी त्योहार को लेकर आपूर्ति और निगरानी की तैयारियां तेज की गई हैं। आबकारी विभाग की ओर से ग्राहकों को शराब खरीदते समय बोतल पर बने क्यूआर कोड या बारकोड को स्कैन कराने की सलाह दी जा रही है। इसे स्कैन करने पर मोबाइल ऐप के माध्यम से ब्रांड, निर्माण तिथि, बैच नंबर और संबंधित दुकान को आवंटन जैसी जानकारी मिल सकती है।

इससे नकली और अवैध शराब की पहचान करने में मदद मिलती है। साथ ही निर्धारित कीमत की जानकारी मिलने से ग्राहकों को अधिक दाम वसूले जाने की आशंका से भी बचाया जा सकता है। आबकारी विभाग का जोर त्योहार के दौरान शराब की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के साथ अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने पर है। ग्राहकों से अपील की जा रही है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही शराब खरीदें, बोतल का क्यूआर कोड स्कैन करें और बिल जरूर लें।

विदेशी ब्रांड की कीमतों में आई कमी
ब्रिटेन की व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किए जाने के बाद कई विदेशी ब्रांड सस्ते हुए हैं। उपलब्ध कीमतों के मुताबिक, जॉनी वॉकर रेड और ब्लैक लेबल की कीमत 4250 रुपये से घटकर करीब 3800 रुपये हो सकती है। इसी तरह जेऐंडबी अब 2300 रुपये के बजाय करीब 1700 रुपये में उपलब्ध हो सकती है। ग्लेनलिवेट, शिवास रीगल, बैलेंटाइन, वैट-69, ग्लेनफिडिच, बॉम्बे सैफायर और टैनक्वेरे सहित कई ब्रांड के दाम भी 15 से 25 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।

विदेशी शराब की कीमतों में कमी का फायदा ग्राहकों को मिलने लगा है। दुकानों पर नए दामों के साथ ब्रांड उपलब्ध होने से इस बार विदेशी व्हिस्की की मांग बढऩे की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड, पैक और दुकानों के अनुसार वास्तविक कीमत में अंतर हो सकता है। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी के समय बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य जरूर देखना चाहिए।

लखनऊ में 35 करोड़, नोएडा में 30 करोड़ की बिक्री
दीपावली पर लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर शराब के बड़े बाजारों में शामिल हैं। पिछले साल धनतेरस से बड़ी दीपावली तक तीन दिनों में लखनऊ में करीब 35 करोड़ रुपये की शराब बिकी थी। इस बार भी राजधानी में बिक्री बढऩे का अनुमान है। शराब कारोबारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक, दीपावली रविवार को होने से वीकएंड का भी असर कारोबार पर पड़ेगा। त्योहार के दौरान लोगों की खरीदारी और आवाजाही बढऩे से दुकानों पर मांग में इजाफा हो सकता है। गौतमबुद्ध नगर में वर्ष 2025 में धनतेरस, छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली के तीन दिनों में करीब 30 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी।

वहीं गाजियाबाद में पिछले साल दीपावली के दौरान शराब की बिक्री करीब 7.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। इस बार प्रदेश में 550 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान और सुबोध कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में त्योहार के दौरान दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक रखने, निर्धारित दरों पर बिक्री और नियमों के पालन पर निगरानी की जा रही है।