यमुना प्राधिकरण में संपत्तियों की रजिस्ट्री से स्टांप शुल्क में जबरदस्त उछाल, पांच साल में 10 गुना बढ़ा राजस्व

  • 2025-26 में सरकार को मिले 368.84 करोड़ रुपये, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही 327.37 करोड़ का राजस्व, यीडा को मिलेगी दो प्रतिशत हिस्सेदारी

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में संपत्तियों की रजिस्ट्री में लगातार तेजी आ रही है। इसका सीधा असर प्रदेश सरकार को मिलने वाले स्टांप शुल्क के राजस्व पर दिखाई दे रहा है। पिछले पांच वर्षों में यीडा क्षेत्र में संपत्तियों के क्रय-विक्रय से मिलने वाला स्टांप शुल्क करीब 10 गुना बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2021-22 में जहां प्रदेश सरकार को 37.79 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क मिला था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 368.84 करोड़ रुपये पहुंच गया।

राजस्व में बढ़ोतरी का सिलसिला चालू वित्त वर्ष में भी जारी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ही यीडा क्षेत्र की संपत्तियों की रजिस्ट्री से प्रदेश सरकार को 327.37 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क मिल चुका है। ऐसे में 31 मार्च तक यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के कुल राजस्व को पार करने की संभावना है। दरअसल, यीडा की ओर से आवंटियों को लगातार आवंटित भूखंडों और संपत्तियों पर कब्जा दिया जा रहा है। कब्जा मिलने के बाद आवंटी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इसके चलते आवासीय और औद्योगिक संपत्तियों की रजिस्ट्री में तेजी आई है। हालांकि, यीडा क्षेत्र में बड़े औद्योगिक निवेश करने वाली कई कंपनियों को प्रदेश सरकार की ओर से स्टांप शुल्क में छूट भी दी गई है।

यदि इन परियोजनाओं को भी सामान्य स्टांप शुल्क के दायरे में रखा जाता तो राजस्व का आंकड़ा और अधिक हो सकता था। इस बढ़ते राजस्व का लाभ यीडा को भी मिलेगा। शासन की व्यवस्था के तहत स्टांप शुल्क से प्राप्त राजस्व में दो प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राधिकरण को दी जाएगी। इस रकम का इस्तेमाल यीडा क्षेत्र में सड़क, सीवर, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को अपने क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही आवासीय और औद्योगिक गतिविधियों के अनुरूप आधारभूत ढांचा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्टांप शुल्क से प्राप्त राजस्व का आंकड़ा

वित्त वर्ष            स्टांप शुल्क राजस्व

2021-22            37.79 करोड़

2022-23            55.85 करोड़

2023-24            68.63 करोड़

2024-25           95.87 करोड़

2025-26          368.84 करोड़

2026-27           327.37 करोड़

वित्त वर्ष 2026-27 के आंकड़े पहली छमाही के हैं।

आरके सिंह, सीईओ यीडा

यीडा क्षेत्र में आवंटित संपत्तियों पर लगातार कब्जा दिया जा रहा है। इसके चलते संपत्तियों की रजिस्ट्री में तेजी आई है। रजिस्ट्री बढ़ने से प्रदेश सरकार को स्टांप शुल्क के रूप में मिलने वाले राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। शासन की व्यवस्था के तहत इस राजस्व में से दो प्रतिशत हिस्सेदारी यीडा को मिलेगी। इस धनराशि का उपयोग प्राधिकरण क्षेत्र में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर किया जाएगा।

राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यीडा