सीईओ कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, लापरवाह एजेंसियों पर लगाया 25 लाख का जुर्माना

-कूड़ा उठान में लापरवाही पर मुख्य एजेंसी पर 25 लाख, दो अन्य एजेंसियों पर पांच-पांच लाख का दंड
-20 अक्टूबर तक सभी जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने की समयसीमा, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
-अवैध निर्माण रोकने में नाकामी पर अवर अभियंता और सुपरवाइजर हटेंगे, बंद सार्वजनिक शौचालय 15 अक्टूबर तक होंगे चालू

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। शहर की सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों और अवैध निर्माण को लेकर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाया। शहर के विभिन्न हिस्सों में निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर उन्होंने संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कूड़ा उठान में लापरवाही पर मुख्य एजेंसी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि दो अन्य एजेंसियों पर पांच-पांच लाख रुपये का दंड लगाया गया। काम में लापरवाही बरतने वाले दो संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक से पहले दोनों अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के नेतृत्व में शहर के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण कराया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सीईओ ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से जवाबदेही तय की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई, सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सेक्टर-19 के बी ब्लॉक स्थित शनिवार बाजार स्थल पर बागवानी अपशिष्ट पड़ा मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह निठारी के पास केंद्रीय पट्टी में गंदगी मिलने पर दूसरी एजेंसी पर भी पांच लाख रुपये का दंड लगाया गया। सेक्टर-43 में घर-घर कूड़ा संग्रह करने वाली एजेंसी द्वारा अनधिकृत रूप से कचरा एकत्र करने का मामला सामने आने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सीईओ ने संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षक का एक सप्ताह का वेतन काटने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर केवल एजेंसी पर कार्रवाई करके जिम्मेदारी समाप्त नहीं होगी, बल्कि संबंधित प्राधिकरण कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। समीक्षा बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने कहा कि जिन एजेंसियों को शहर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार काम करना होगा। निरीक्षण के दौरान यदि दोबारा लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

20 अक्टूबर तक सड़कें दुरुस्त करने की समयसीमा
शहर की खराब और जर्जर सड़कों को लेकर भी सीईओ ने अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा दी। उन्होंने कहा कि बारिश का दौर समाप्त हो चुका है और सड़क निर्माण व मरम्मत के कार्यों के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं। ऐसे में 20 अक्टूबर तक शहर की सभी जर्जर और बदहाल सड़कों को दुरुस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित कार्य मंडल के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने अधिकारियों से कहा कि सड़क मरम्मत के कार्यों की लगातार निगरानी की जाए और गुणवत्ता के साथ समयसीमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में शहर के विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सीईओ ने कहा कि जिन कार्यों के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं, उनमें अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को मौके पर जाकर काम की प्रगति देखने और बाधाओं को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए।

अवैध निर्माण पर अभियंताओं और सुपरवाइजरों पर कार्रवाई
बरौला क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं रोक पाने पर संबंधित अवर अभियंता और सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए। इसी तरह सेक्टर-138 और सेक्टर-140 में जारी अवैध निर्माण के मामलों में लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजर और अन्य संबंधित कर्मचारियों को हटाने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और निर्माण की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण शुरू होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे शुरुआती स्तर पर ही रोकने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है। इसके साथ ही शहर की सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर भी सीईओ ने सख्त समयसीमा तय की।

उन्होंने 15 अक्टूबर तक बंद पड़े सभी सार्वजनिक शौचालयों को हर हाल में चालू कराने के निर्देश दिए। शौचालयों की सफाई, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी नियमित निगरानी करने को कहा गया। शहर में अवैध रूप से संचालित वेंडिंग जोन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने अगले एक महीने के भीतर ऐसे सभी अनधिकृत वेंडिंग क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जमीन पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई भी जरूरी है। समीक्षा बैठक में सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को संदेश दिया कि शहर की सफाई, सड़क, सार्वजनिक सुविधाओं और नियोजित विकास में लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। स्थलीय निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों पर तत्काल कार्रवाई के साथ तय समयसीमा में सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया