- शालीमार गार्डन पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, नकली दवाओं के कारोबार का खुलासा
- कंपनियों के फर्जी लेबल और मोनोग्राम लगाकर बाजार में खपाते थे नकली माल
- डीसीपी धवल जायसवाल के निर्देशन में ताबड़तोड़ कार्रवाई, मुख्य संचालक समेत अन्य की तलाश तेज
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नकली सप्लीमेंट और एलोपैथिक दवाओं के जरिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले गिरोह का शालीमार गार्डन थाना पुलिस और स्वाट टीम क्राइम ब्रांच ट्रांस हिंडन जोन ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 50 लाख रुपये कीमत के नकली सप्लीमेंट और एलोपैथिक दवाएं बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से नकली दवाओं के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य संचालक समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बुधवार को डीसीपी सिटी एवं ट्रांस हिंडन जोन धवल जायसवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम को मंगलवार को मुखबिर के माध्यम से नकली सप्लीमेंट और दवाओं के अवैध कारोबार की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए शालीमार गार्डन थाना पुलिस और स्वाट टीम को सक्रिय किया गया।
टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए दिलीप पांडेय निवासी 39 वर्ष, वीरभान उर्फ रवि 34 वर्ष, रोहित बक्शी उर्फ लड्डू 35 वर्ष, हन्नी कुलश्रेष्ठ 30 वर्ष और आर्यन 24 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह पहले दवाओं और खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, छपाई वाले लेबल, छपे हुए डिब्बे और खाली प्लास्टिक की शीशियां खरीदता था। इसके बाद इन्हीं सामान की मदद से नकली सप्लीमेंट और एलोपैथिक दवाएं तैयार की जाती थीं। तैयार माल पर अलग-अलग नामी कंपनियों के फर्जी आवरण, लेबल और मोनोग्राम लगाए जाते थे। इसके बाद नकली उत्पादों को असली बताकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी विजयनगर क्षेत्र में ‘न्यूट्रिशन वर्ल्ड’ और ‘न्यूट्रिशन अड्डा’ के नाम से दुकान संचालित करते थे। इन दुकानों के माध्यम से तैयार नकली माल को ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में गोदाम से लेकर बिक्री तक अलग-अलग आरोपियों की भूमिका निर्धारित थी। पूछताछ में रोहित, हन्नी और आर्यन ने पुलिस को बताया कि वे विजयनगर क्षेत्र स्थित एक गोदाम में काम करते थे। इस गोदाम का संचालन ललित शर्मा करता था। पुलिस के अनुसार इसी स्थान से नकली सप्लीमेंट और दवाओं को तैयार कर बिक्री के लिए भेजा जाता था। ललित शर्मा पर कच्चा माल खरीदने और तैयार माल की बिक्री की जिम्मेदारी होने की बात सामने आई है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर गिरोह के नेटवर्क की अन्य कडिय़ों को खंगाला जा रहा है। मुख्य संचालक बताए जा रहे ललित शर्मा समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली उत्पाद कहां-कहां सप्लाई किए जाते थे और इस कारोबार से कौन-कौन लोग जुड़े हैं। डीसीपी धवल जायसवाल के निर्देशन में पुलिस टीम ने सूचना मिलने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे नकली दवा कारोबार के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली।
थाना पुलिस और स्वाट टीम के बीच बेहतर समन्वय के चलते आरोपियों को पकडऩे के साथ ही नकली माल के स्रोत और उसके वितरण तंत्र की जानकारी भी जुटाई गई। पुलिस अब बरामद उत्पादों की जांच के साथ इनके बाजार में खपाए जाने के नेटवर्क को भी खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शालीमार गार्डन थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही फरार बताए जा रहे लोगों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

















