मिशन शक्ति से बेटियों को मिला सुरक्षा का भरोसा, करियर गाइडेंस देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित

  • सुंदरदीप कॉलेज और आरकेजीआईटी में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस अधिकारियों ने बताए सुरक्षा के उपाय और करियर के रास्ते
  • अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी और एसीपी प्रियाश्री पाल ने छात्राओं को किया जागरूक
  • डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने भी छात्राओं को सुरक्षा व अधिकारों के प्रति किया प्रेरित
  • 1090 और 112 हेल्पलाइन की दी जानकारी, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में बताया

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गाजियाबाद पुलिस की ओर से मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सुंदरदीप कॉलेज और आरकेजीआईटी में छात्राओं के लिए जागरूकता एवं करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव और आपातकालीन सहायता के बारे में जानकारी दी। साथ ही शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के विभिन्न विकल्पों के प्रति जागरूक करते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। 15 अक्टूबर को सुंदरदीप कॉलेज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध केशव कुमार चौधरी और सहायक पुलिस आयुक्त वेव सिटी प्रियाश्री पाल की अध्यक्षता में थाना प्रभारी एवं मिशन शक्ति टीम ने कार्यक्रम आयोजित किया।

छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई। उन्हें साइबर अपराधों से बचने, किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सहायता लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी बताया गया। छात्राओं को शिक्षा के महत्व, करियर के विकल्पों और लक्ष्य निर्धारण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। आरकेजीआईटी में भी मिशन शक्ति के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ उन्हें शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और शिक्षा सशक्त बनने के महत्वपूर्ण आधार हैं। छात्राओं को किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीडऩ की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस की सहायता लेने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।

अधिकारियों ने उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने तथा आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि महिला सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना है।