मलबे में जिंदगी तलाशने वाले दमकलकर्मियों को सलाम, 11 लोगों को बचाने वाली टीम सम्मानित

  • शहीद नगर लेंटर हादसे में साहस और तत्परता दिखाने वाले अग्निशमन कर्मियों को पुलिस आयुक्त ने दिया प्रशस्ति-पत्र
  • मुश्किल हालात में रेस्क्यू कर 11 लोगों को निकाला बाहर, दमकल टीम के जज्बे की हुई सराहना
  • हादसे में नौ घायलों को मिली अस्पताल से छुट्टी, बच्ची समेत दो का उपचार जारी

    उदय भूमि संवाददाता
    गाजियाबाद। शहीद नगर मेट्रो स्टेशन के पास निर्माणाधीन भवन का लेंटर गिरने की घटना में मलबे में दबे 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले अग्निशमन एवं आपात सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मंगलवार को पुलिस लाइन, कमिश्नरेट गाजियाबाद में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय केशव कुमार चौधरी,एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था राज करन नैय्यर,डीसीपी लाइंस धवल जायसवाल, डीसीपी देहात सुरेन्द्रनाथ तिवारी की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सौरभ कुमार सिंह और साहिबाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक रवेंद्र गौतम समेत अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अग्निशमन कर्मियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तेजी से कार्रवाई की। टीम के समन्वित प्रयासों से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली। रेस्क्यू ऑपरेशन में अग्निशमन कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। पुलिस आयुक्त ने उनके साहस, तत्परता और समर्पण को सराहनीय बताते हुए कहा कि आपात परिस्थितियों में इस तरह की त्वरित कार्रवाई जनसुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। सम्मान मिलने से बचाव कार्य में शामिल कर्मियों का मनोबल भी बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।

अग्निशमन एवं आपात सेवा के कर्मियों की तत्परता को संकट के समय राहत और बचाव कार्यों की अहम कड़ी बताया गया। पुलिस आयुक्त ने सभी सम्मानित कर्मियों के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर उत्कृष्ट सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। सोमवार शाम करीब पौने सात बजे हुए हादसे में घायल 11 में से नौ लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। बच्ची समेत दो लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है।शहीदनगर मेट्रो स्टेशन के पास रावल पिंडी गार्डन में सोमवार शाम एक निर्माणाधीन लेंटर गिर गया था। हादसे में बच्ची व एक महिला समेत 11 लोग मलबे में दब गए थे। गनीमत रही कि पुलिस,दमकल व आसपास के लोगों की तत्परता से एसडीआरएफ की टीम ने सभी को समय रहते सरियों के जाल और मलबे के बीच से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया था।

घायल रामू का इलाज नरेंद्र मोहन अस्पताल में चल रहा है, जबकि 10 वर्षीय बच्ची को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया है। साहिबाबाद थाने में दारोगा कुलवंत सिंह ने भूखंड स्वामी विपुल कुमार और निर्माण ठेकेदार रियाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही थी। हादसे के बाद राहत-बचाव के लिए पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने भी कई बिंदू बताए थे। 25 फीट की ऊंचाई पर करीब 200 वर्ग गज के दायरे में सिर्फ बांस-बल्ली की शटरिंग के सहारे ही लेंंटर डाला जा रहा था। अधिकांश हिस्से पर लेंटर डालने के दौरान शटरिंग समेत भरभराकर गिर गया था।