भीषण हादसे के बीच देवदूत बनी अग्निशमन टीम, हाइड्रोलिक कटर से बचाईं दो जिंदगियां

-दिल्ली-हापुड़ राजमार्ग के मसूरी फ्लाईओवर पर खड़े पिकअप में पीछे से घुसा दूसरा वाहन
-केबिन में बुरी तरह फंसे थे सुनील कुमार और जोगेंद्र सिंह, कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला
-मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने टीम की तत्परता और तकनीकी दक्षता की सराहना की

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली-हापुड़ राजमार्ग पर मसूरी थाने के सामने बने फ्लाईओवर पर सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में अग्निशमन विभाग की टीम देवदूत बनकर पहुंची। दो पिकअप वाहनों की टक्कर के बाद एक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंसे दो लोगों को अग्निशमन कर्मियों ने हाइड्रोलिक कटर और फैलाने वाले उपकरणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायलों की पहचान सुनील कुमार और जोगेंद्र सिंह के रूप में हुई। दोनों को तत्काल एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई से समय रहते दोनों की जान बच गई और हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। अग्निशमन विभाग के अनुसार, सोमवार को शाम 5:40 बजे अग्निशमन केंद्र कोतवाली को सूचना मिली कि मसूरी थाने के सामने दिल्ली-हापुड़ फ्लाईओवर पर दो पिकअप वाहनों की टक्कर हो गई है और दो लोग केबिन में फंसे हुए हैं।

सूचना मिलते ही अग्निशमन कर्मियों की बचाव टीम अत्याधुनिक हाइड्रोलिक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही अग्निशमन कोतवाली शेषनाथ यादव की टीम ने बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। वाहन के केबिन में दोनों व्यक्ति बुरी तरह फंसे हुए थे, इसलिए उन्हें निकालने के लिए तकनीकी दक्षता, सूझबूझ और सावधानी की जरूरत थी। टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्होंने अग्निशमन कर्मियों की तत्परता, साहस और कुशल कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सही तकनीक का इस्तेमाल अनमोल जिंदगियां बचाने में निर्णायक साबित होता है।

खड़े वाहन में पीछे से मारी जोरदार टक्कर
जानकारी के मुताबिक, बिजनौर से दिल्ली की ओर जा रहा अशोक लेलैंड पिकअप वाहन संख्या डीएल1एलएएफ 8534 फ्लाईओवर पर खड़ा था। इसी दौरान शाहजहांपुर से दिल्ली की ओर जा रहे अल्ट्रा मैजिक पिकअप वाहन संख्या डीएल1एलएक्यू 0146 ने उसमें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दूसरे वाहन के अगले हिस्से और इंजन का भाग अंदर की ओर धंस गया। इससे केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार दोनों व्यक्ति लोहे के मुड़े हुए हिस्सों के बीच फंस गए। दोनों दर्द से कराह रहे थे और उन्हें बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।

हाइड्रोलिक उपकरणों से काटा वाहन का क्षतिग्रस्त हिस्सा
मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह दबा होने के कारण सामान्य तरीके से घायलों को निकालना संभव नहीं था। ऐसे में कर्मियों ने हाइड्रोलिक कटर और फैलाने वाले उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त लोहे के हिस्सों को सावधानीपूर्वक काटा और फैलाया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने सुनील कुमार और जोगेंद्र सिंह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद दोनों को मौके पर मौजूद एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया। घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही। खड़े पिकअप वाहन के चालक तहसीम अहमद पुत्र अली अहमद भी मौके पर मौजूद थे।