-हर वार्ड में विकास, भेदभाव किसी से नहीं: सुनीता दयाल
-पहली बार एक सूची में इतने काम, सभी 100 वार्डों तक पहुंचेगा विकास
-वायु गुणवत्ता सुधार के 66 कार्यों पर 134.85 करोड़, अवस्थापना निधि के 13 काम भी शामिल
-पार्षद निधि समेत अन्य मदों से 713 कार्य, अगले माह खुलेंगी निविदाएं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास को गति देने के लिए नगर निगम ने एक साथ 779 विकास कार्यों की निविदा जारी कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहली बार एक ही निविदा सूची में इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इन सभी कार्यों की अनुमानित लागत करीब 270 करोड़ 96 लाख रुपये है। नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से करीब एक सप्ताह से इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया की तैयारी की जा रही थी, जिसे शनिवार को पूरा करते हुए निविदाएं प्रकाशित कर दी गईं। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, 779 विकास कार्यों को अलग-अलग मदों के तहत शामिल किया गया है। इनमें वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित 66 कार्यों की अनुमानित लागत करीब 134 करोड़ 85 लाख रुपये है। इसके अलावा अवस्थापना निधि से 13 विकास कार्यों पर करीब 39 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं पार्षद निधि, नामित पार्षदों और अन्य मदों से 713 विकास कार्य कराए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत करीब 96 करोड़ 28 लाख रुपये है।
नगर निगम का दावा है कि इन विकास कार्यों का असर शहर के सभी 100 वार्डों में दिखाई देगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क, नाली, नाला और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाने हैं। नगर निगम की ओर से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कार्यों को निविदा प्रक्रिया में शामिल किए जाने से आने वाले समय में शहर के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य शहर के प्रत्येक क्षेत्र में समान रूप से विकास कार्य कराना है। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता सुधार, अवस्थापना निधि, पार्षद निधि और अन्य मदों से जुड़े कुल 779 कार्यों को हरी झंडी दी गई है। इनकी कुल लागत करीब 270 करोड़ 96 लाख रुपये है। निविदाएं जारी हो चुकी हैं और अगले माह इनके खुलने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद नियमानुसार चयनित कार्यों को धरातल पर शुरू कराया जाएगा।
महापौर ने कहा कि नगर निगम के निर्माण विभाग ने एक ही सूची में इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्य शामिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले एक साथ इतने कार्यों की निविदा सूची तैयार नहीं की गई थी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी पार्षदों के वार्डों में भी आवश्यकतानुसार विकास कार्यों को शामिल किया गया है। उनका कहना है कि नगर निगम का उद्देश्य शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना है, ताकि लोगों को सड़क, नाली और नाले जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। नगर निगम के अनुसार, 66 वायु गुणवत्ता सुधार कार्यों पर सबसे अधिक राशि खर्च की जाएगी।
इन कार्यों के माध्यम से शहर में वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। वहीं अवस्थापना निधि के तहत प्रस्तावित 13 कार्य भी शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पार्षद और अन्य मदों के 713 कार्यों के माध्यम से वार्ड स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि विकास कार्यों के पूरा होने के बाद शहर की तस्वीर में व्यापक बदलाव दिखाई देगा। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। नगर निगम स्तर से निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियों को कार्य आवंटित किए जाएंगे और इसके बाद विभिन्न वार्डों में विकास कार्य शुरू होंगे।
नगर निगम की ओर से जारी की गई यह निविदा सूची ऐसे समय में आई है, जब शहर में विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, नाली और जल निकासी से संबंधित कार्यों की जरूरत लगातार सामने आती रही है। ऐसे में 779 कार्यों के एक साथ निविदा में आने से वार्ड स्तर पर लंबे समय से प्रस्तावित कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने और कार्यादेश जारी होने के बाद इन योजनाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार है।

















